December 07, 2016

ताज़ा खबर

 

‘नोटबंदी से भारत की आर्थिक वृद्धि दर गिर कर 6.5% रह सकती है’

सरकार ने गत 8 नवंबर को 500 और 1,000 का पुराना नोट बंद करने की घोषणा की थी।

Author नई दिल्ली | November 25, 2016 18:37 pm
रांची में बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बदलवाने के लिए कतार में खड़े लोग। (PTI Photo/11 Nov, 2016)

जर्मनी के ड्यूश बैंक का आकलन है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर पर बड़े नोटों की पाबंदी का असर होगा और यह कम होकर 6.5 प्रतिशत रह सकती है। पिछले वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि 7.6 प्रतिशत थी। ड्यूश बैंक के एक ताजा नोट में कहा गया है कि निकट भविष्य में आर्थिक वृद्धि थोड़ा नरम पड़ेगी पर धीरे धीरे सुधर कर अगले वित्त वर्ष में फिर 7.5 प्रतिशत हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को अप्रत्याशित फैसले में 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों का चलन बंद कर दिया है। ये नोट कुल नकद चलन के 86 प्रतिशत के बराबर थे और इनका मूल्य 14 लाख करोड़ रुपए के बराबर था।

इससे पहले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार (25 नवंबर) को कहा कि 500 और 1,000 का नोट बंद होने के बाद चालू वित्त वर्ष की मौजूदा तिमाही में वृद्धि दर प्रभावित होगी, लेकिन उसके बाद अर्थव्यवस्था का ‘नया सामान्य’ स्तर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने 86 प्रतिशत मुद्रा को एक झटके में हटाया है। इससे थोक मंडियों में लेनदेन और बड़ी परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इतनी मुद्रा को एक ही झटके में चलन में नहीं लाया जा सकता। सीतारमण ने कहा, ‘सरकार और रिजर्व बैंक काम कर रहे हैं। लेकिन सभी तैयारियों के बावजूद इस तिमाही पर प्रभाव पड़ेगा। लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह आगे भी जारी रहेगी। धीरे-धीरे चीजें सामान्य होंगी और अर्थव्यवस्था नये सामान्य स्तर पर होगी।’

उन्होंने कहा कि नए सामान्य स्तर में औपचारिक लेनदेन मसलन चेक बुक, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड तथा ई-वॉलेट का इस्तेमाल बढ़ेगा। सरकार ने गत 8 नवंबर को 500 और 1,000 का पुराना नोट बंद करने की घोषणा की थी। नकदी की कमी की वजह से बैंकों और एटीएम से निकासी की भी सीमा तय की गई है। इसके बाद से देशभर में लाखों लोगों को पैसा निकालने के लिए बैंकों और एटीएम के आगे लंबी-लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 25, 2016 6:37 pm

सबरंग