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अगर अघोषित आय पर टैक्‍स और जुर्माना चुका दिया तो कहां से कमाया, ये नहीं पूछेगी सरकार

अगर अघोषित आय का पता बाद में चलता है तो कुल कर और जुर्माना 85 प्रतिशत लगाया जाएगा।
Author November 28, 2016 20:55 pm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। PTI Photo by Atul/file

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने आज कहा कि नोटबंदी के बाद 10 नवंबर से बैंकों में जमा कराये गये धन की पूरी घोषणा की जाती है और उस पर 50 प्रतिशत की दर से करों और जुर्माने आदि का भुगतान कर दिया जाता है तो कर विभाग उस आय के स्रोत के बारे में नहीं पूछेगा। उन्होंने कहा कि घोषित धन पर संपत्ति कर, दिवानी कानून तथा कर से जुड़े अन्य कानून से छूट प्राप्त होगी लेकिन फेमा, पीएमएलए, नारकोटिक्स और कालाधन कानून से कोई रियायत नहीं मिलेगी।’’ वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आयकर कानून में संशोधन के लिये लोकसभा में एक विधेयक पेश किया जिसमें यह भी प्रावधान है कि घोषणा करने वालों को अपनी कुल जमा राशि का 25 प्रतिशत सरकार द्वारा लायी जा रही एक ‘गरीबी-उन्मूलन योजना’ में निवेश करना होगा पर इस योजना में लगाए गए पैसे पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। साथ ही इस राशि को चार साल तक नहीं निकाला जा सकेगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1,000 रच्च्पये के नोट पर पाबंदी की घोषणा के करीब तीन सप्ताह बाद विधेयक लाया गया है। अगर अघोषित आय का पता बाद में चलता है तो कुल कर और जुर्माना 85 प्रतिशत लगाया जाएगा।

अधिया ने कहा, ‘‘हतोत्साह करने वाले प्रावधान जरूरी हैं ताकि लोगों के मन में कालाधन रखने को लेकर भय हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) में घोषणा से यह सुनिश्चित होगा कि कोष के स्रोत के बारे में कुछ नहीं पूछा जाएगा। यह संपत्ति कर, दिवाली कानून तथा कर से जुड़े अन्य कानून से छूट प्रदान करेगा। लेकिन फेमा, पीएमएलए, नारकोटिक्स और कालाधन कानून से कोई छूट नहीं मिलेगी।’’ हसमुख अधिया ने कहा कि जो भी जमा 10 नवंबर के बाद किया गया है, वह पीएमजीकेवाई के अंतर्गत आएगा। अंतिम तारीख अब विधेयक के पारित होने के बाद अधिसूचित करेंगे लेकिन यह संभवत: 30 दिसंबर हो सकता है। पीएमजीकेवाई वित्त कानून 2016 के नये अध्याय नौ में आएगा।

अधिया ने कहा कि यह पूर्व की तिथि से संशोधन नहीं है क्योंकि वित्त वर्ष जारी है और लोगों ने रिटर्न दाखिल नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने देखा है कि कुछ लोग नई मुद्रा का उपयोग कर फिर से कालाधन को काला बनाने कोशिश कर रहे थे। इसीलिए हमने 75-85 प्रतिशत प्रावधान में संशोधन किया है।’’ अधिया ने आगे कहा कि तलाशी एवं जब्ती प्रावधान में संशोधन किया गया है ताकि लोगों के मन में आयकर छापों में डर सुनिश्चित हो। चूंकि फिलहाल जुर्माना 10 प्रतिशत है, ऐसे में जब्ती के समय बेहिसाब आय को स्वीकार कर लिया जाता था तथा रिटर्न दाखिल करके कर का भुगतान कर दिया था। लोग प्राय: जब्ती के समय कालाधन की बात स्वीकार कर लेते थे।

उन्होंने कहा, ‘‘10 प्रतिशत जुर्माने का लोगों के मन में भय नहीं था और कर चोरी करने वाले इस प्रावधान का दुरूपयोग करते थे। इसीलिए हतोत्साहन करने वाले प्रावधान जरूरी थे।’’ अधिया ने कहा कि सरकार चाहती है कि लोगों के मन में भय हो, इसके लिये दिसंबर 2016 के बाद कालाधन के खिलाफ और कदम उठाये जाएंगे तथा लोगों से पीएमजीकेवाई योजना का लाभ उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि पीएमजीकेवाई को रिजर्व बैंक अधिसूचित करेगा। जीकेवाई से प्राप्त राशि का उपयोग सिंचाई
आवास, शौचालय, बुनियादी ढांचा, प्राथमिक शिक्षा, प्राथमिक स्वास्थ्य तथा आजीविका जैसी परियोजनाओं में किया जाएगा ताकि न्याय एवं समानता हो।

वीडियो: लोकसभा में पेश किया गया इनकम टैक्स संशोधन बिल; खुद बताया तो 50% वरना 85% टैक्स लेगी सरकार

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  1. J
    jaya
    Nov 29, 2016 at 7:12 am
    aab daaod ke bade bhaai modi ko hissa de go fir chaahe jaise bhi ho dhan kamaao
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग