December 03, 2016

ताज़ा खबर

 

नोटबंदी: कांग्रेस सदस्‍यों के नेतृत्‍व वाली संसदीय समितियों ने RBI गवर्नर को किया तलब

विभिन्न अनुमानों के मुताबिक नोटबंदी की वजह से चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर कम रह सकती है।

Author नई दिल्ली | December 1, 2016 20:25 pm
रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल।(फाइल फोटो)

कांग्रेस सदस्‍यों के नेतृत्‍व वाली दो संसदीय समितियों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल को तलब किया है। समितियों ने पटेल को केंद्र की ‘मौद्रिक नीति’ और 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किए गए ‘विमुद्रीकरण के प्रभाव’ का आकलन करने के लिए बुलाया है। संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध के चलते इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पा रही है। बुधवार को वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्‍पा मोइली की अगुवाई वाली स्‍टैंडिंग कमेटी ने पटेल को विमुद्रीकरण के फैसले के प्रभाव का आकलन करने के लिए तलब करने का फैसला किया था। इसके एक दिन बाद, गुरुवार को केवी थॉमस के नेतृत्‍व वाली लोक लेखा समिति (पीएसी) ने भी आरबीआई गवर्नर, वित्‍त मामलों के विभाग के सचिव शक्तिकांत दास और वित्‍तीय सेवाओं के सचिव अंजुलि चिब दुग्‍गल को 2 जनवरी को मामले पर चर्चा के लिए बुलाया है।

थॉमस ने बैठक के बाद बताया, ‘पीएसी की बैठक में आज हमने सर्वसम्मति से यह फैसला किया है कि जनवरी के पहले या फिर दूसरे सप्ताह में हम रिजर्व बैंक गवर्नर, आर्थिक मामलों के सचिव और वित्त सचिव को नोटबंदी के बाद आर्थिक स्थिति की समीक्षा करने के लिये अपने समक्ष बुलायेंगे।’ उन्होंने कहा कि इसके लिये तिथि रिजर्व बैंक गवर्नर की उपलब्धता को देखते हुये तय की जायेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट चलन से वापस लेने की घोषणा की। विभिन्न अनुमानों के मुताबिक नोटबंदी की वजह से चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर कम रह सकती है। हालांकि, विभिन्न अनुमानों में वृद्धि दर 0.5 से लेकर 2 प्रतिशत तक कम रहने की बात कही गई है। जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी होने के बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियम ने कल कहा, ‘हमारे पास पहली छमाही के वास्तविक आंकड़े अब उपलब्ध हैं। इनसे अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन के मजबूत होने का पता चलता है। पर दूसरी छमाही के लिये हमें इंतजार करना होगा, इस मामले में अभी काफी अनिश्चितता है। हमें कुछ भी कहने से पहले स्थिति की समीक्षा करनी होगी।’

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही है। पहली तिमाही में यह 7.1 प्रतिशत रही थी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले सप्ताह राज्यसभा में सरकार के नोटबंदी के कदम को प्रबंधन की बड़ी विफलता करार देते हुये कहा कि इससे जीडीपी वृद्धि में दो प्रतिशत तक कमी आ सकती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on December 1, 2016 8:23 pm

सबरंग