December 11, 2016

ताज़ा खबर

 

टाटा समूह पर भड़के सायरस मिस्त्री, कहा- डोकोमो मामले में मनमर्जी की बात ग़लत

मिस्त्री ने इस तरह की बातों को भी खारिज किया है कि डोकोमों के खिलाफ जिस ढंग से मुकदमा लड़ा उसे रतन टाटा या समूह के न्यायासी शायद मंजूर नहीं करते।

Author मुंबई | November 1, 2016 18:21 pm
टाटा समूह ने पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री। (PTI Photo/File)

दिवाली पर शांति के बाद टाटा समूह और हाल में हटाए गए समूह के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री के बीच वाकयुद्ध बढ़ता नजर आ रहा है। मिस्त्री ने मंगलवार (1 नवंबर) को कहा कि यह कहना ‘गलत और शरारत-भरा’ है कि उन्होंने टाटा-डोकोमो मामलें में जो कार्रवाई की वह अपनी मर्जी से की और रतन टाटा को उसकी जानकारी नहीं थी। मिस्त्री के कार्यालय ने मंगलवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि ये आरोप भी निराधार है कि ‘उन्होंने डोकोमो के मुद्दे से निपटने का जो तरीका अपनाया वह टाटा घराने की संस्कृति और मूल्यों से मेल नहीं खाता।’ मिस्त्री ने इस तरह की बातों को भी खारिज किया है कि डोकोमों के खिलाफ जिस ढंग से मुकदमा लड़ा उसे रतन टाटा या समूह के न्यायासी शायद मंजूर नहीं करते। मिस्त्री का दावा है कि इस तरह की चर्चाएं, जो बातचीत हुई थी उसके विपरीत हैं।

बयान में कहा गया है, ‘टाटा-डोकोमो मामले में सभी निर्णय टाटा संस के निदेशक-मंडल की स्वीकृति से लिए गए और जो कार्रवाई की गई वह ऐसे प्रत्येक सामूहिक निर्णय के अनुरूप थी।’ बयान में कहा गया है कि ‘डोकोमो की स्थिति पर टाटा संस के निदेशक-मंडल में कई चर्चाएं हुई थी।’ मिस्त्री के कार्यालय द्वारा जारी इस बयान में कहा गया है, ‘मिस्त्री ने हमेशा कहा कि टाटा-समूह को कानून के अनुसार अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए। यह रुख टाटा संस के निदेशक-मंडल के दृष्टिकोण पर आधारित है और एक के बाद एक निदेशक-मंडल की उन कई बैठकों के (दृष्टिकोण) के अनुरूप है जिसमें डोकोमो के मुद्दे पर चर्चा हुई थी।’

जापान की एनटीटी डोकोमो कंपनी का टाटा समूह के साथ शेयरों के भुगतान को लेकर मुकदमा चल रहा है। डोकोमो ने नवंबर 2009 में टाटा टेलीसर्विसेज में 26.5 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी। उस समय प्रति शेयर 117 रूपए के भाव पर सौदा 12,740 करोड़ रुपए का था। उस समय यह सहमति हुई थी कि पांच साल के अंदर कंपनी छोड़ने पर उसे अधिग्रहण की कीमत का कम से कम 50 प्रतिशत भुगतान वापस किया जाएगा। डोकोमो ने अप्रैल 2014 में कंपनी से अलग होने का निर्णय किया और 58 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 7,200 करोड़ रुपए की मांग रखी। लेकिन टाटा समूह ने उसे रिजर्व बैंक के एक नियम का हवाला देते हुए 23.34 रुपए प्रति शेयर की दर से भुगतान की पेशकश की। आरबीआई के नियम के अनुसार कोई विदेशी कंपनी यदि निवेश से बाहर निकलती है तो उसे शेयर पूंजी पर लाभ के आधार पर तय कीमत से अधिक का भुगतान नहीं किया जा सकता।

जापानी कंपनी अंतरराष्ट्रीय पंच निर्णय प्रक्रिया में चली गयी और उसके पक्ष में 1.17 अरब डॉलर की डिक्री हुई है। टाटा संस ने कहा है कि वह पंचनिर्णय के अनुपालन का विरोध करेगी क्यों कि वह भारत के स्थानीय कायदे कानूनों से बंधी है। मिस्त्री की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने डोकोमो से अनुरोध किया कि वह इस माममे में उसके साथ मिल कर रिजर्व बैंक से अनुमति मांगे पर डोकोमो इस पर तैयार नहीं हुई। ‘बहरहाल टाटा समूह ने रिजर्व बैंक से मंजूरी के लिए आवेदन किया पर मंजूरी नहीं मिली तथा डोकोमो अंतरराष्ट्रीय पंचनिर्णय मंच में चली गयी। टाटा समूह ने ब्रिटेन के पंचनिर्णय अदालत के फैसले को चुनौती देने के बजाय रिजर्व बैंक से फैसले की राशि का भुगतान करने की अनुमति मांगी। आरबीआई ने उसे फिर इनकार कर दिया।

डोकोमो ने भुगतान के निर्णय को लागू करवाने के लिए जब दिल्ली उच्च न्यायालय में दावा किया तो टाटा समूह ने 8,000 करोड़ रुपए अदालत में जमा करा दिए। बयान में दावा किया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया में टाटा और न्यासी एन ए सूनावाला को बराबर जानकारी दी जाती रही और ये दोनों मिस्त्री के साथ अलग अलग बैठकों में शामिल हुए थे। बयान के मुताबिक ‘वे इस मुकदमे में टाटा समूह की वकालत करने वाले वकील के साथ भी मिले थे जो दोराबजी ट्रस्ट के एक न्यासी भी थे। पत्र में दावा है कि हर बार रतन टाटा और सूनावाला ने टाटा समूह की कार्रवाई और वकील की सलाह का समर्थन किया था। मिस्त्री के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, ‘इन तथ्यों के प्रकाश में यह कहना कि मिस्त्री ने अपनी मर्जी से कारवाई की अथवा टाटा समूह के मूल्यों के खिलाफ काम किया या फिर रतन टाटा और सूनावाला की जानकारी के बिना कदम उठाया है गलत और शरारतपूर्ण है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 1, 2016 6:20 pm

सबरंग