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कोयला घोटाला: राठी स्टील एंड पावर के अधिकारियों को तीन साल की जेल

अदालत ने आरएसपीएल तथा उसके सीईओ पर 50-50 लाख रुपए तथा प्रबंध निदेशक पर 25 लाख रुपए तथा एजीएम पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
Author नई दिल्ली | July 27, 2016 16:45 pm
कोयला घोटला। विशेष अदालत ने कहा कि इन अनैतिक कार्य करने वाले कारोबारियों के कारण ही भारत विकास में पिछड़ा हुआ है।

कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले से जुड़े मामालें की सुनवाई कर रही दिल्ली की विशेष अदालत ने छत्तीसगढ़ में केसला उत्तरी कोयला ब्लाक के आबंटन में अनियमितता को लेकर राठी स्टील एंड पावर लि. के तीन अधिकारियों को आज अलग-अलग अवधि की कैद की सजाएं सुनाई जिनमें सबसे बड़ी सजा तीन साल की है। इन सभी को मामले में कल दोषी ठहराया गया था।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने आरएसपीएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी :सीईओ: उदित राठी तथा प्रबंध निदेशक प्रदीप राठी को तीन-तीन साल की जेल तथा सहायक महाप्रबंधक :एजीएम: कुशल अग्रवाल को दो साल की जेल की सजा सुनायी। तीनों को कल दोषी ठहराये जाने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था।
अदालत ने आरएसपीएल तथा उसके सीईओ पर 50-50 लाख रुपए तथा प्रबंध निदेशक पर 25 लाख रुपए तथा एजीएम पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

आरएसपीएल तथा उसके तीन अधिकारियों को कल मामले में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने माना कि उन्होंने यहां तक कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष गलत जानकारी देकर सरकार के साथ धोखाधड़ी की। सिंह के पास उस समय कोयला मंत्रालय का कार्यभार भी था। अदालत ने कहा कि उन्होंने कोयला ब्लाक हासिल करने के लिये साजिश रची और गलत सूचना दी तथा राष्ट्रीयकृत प्राकृतिक संसाधनों का दुरूपयोग किया। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 :धोखाधड़ी: तथा 120-बी :आपराधिक साजिश: समेत विभिन्न धाराओं की तहत दोषी ठहराया।

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