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मुद्रास्फीति में नरमी से इस साल नीतिगत दर में और कटौती की गुंजाइश

रिजर्व बैंक खुदरा एवं थोक मुद्रास्फीति दोनों में नरमी को देखते हुए चालू वित्त वर्ष में नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की और कटौती कर सकता है।
Author मुंबई | October 17, 2016 00:06 am
बाज़ार में सब्जी विक्रेता अपनी दुकान पर। (चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।)

रिजर्व बैंक खुदरा एवं थोक मुद्रास्फीति दोनों में नरमी को देखते हुए चालू वित्त वर्ष में नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की और कटौती कर सकता है। इंडिया रेटिंग्स ने रविवार (16 अक्टूबर) को यह कहा। खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में 13 महीने के न्यूनतम स्तर 4.31 प्रतिशत पर पर आ गयी जो अगस्त में 5.05 प्रतिशत थी। थोक मुद्रास्फीति भी इसी माह में घटकर 4.57 प्रतिशत पर आ गयी जो अगस्त में 3.74 प्रतिशत थी। मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं के दाम में कमी से मुद्रास्फीति में कमी आयी। इंडिया रेटिंग ने एक रिपोर्ट में कहा, ह्यवास्तविक ब्याज दर 1.5 से 2.0 प्रतिशत से घटकर 1.25 प्रतिशत पर आ गयी है। इससे रिजर्व बैंक के नीतिगत रुख में बदलाव आया है। इसके साथ 4.0 प्रतिशत मुद्राफस्फीति हासिल करने का लक्ष्य तीन साल बढ़ाए जाने (मार्च 2018 से मार्च 2021 तक) से रिजर्व बैंक को मौद्रिक नीति को निकट भविष्य में नरम बनाने की अतिरिक्त गुंजाइश मिली है।

एजेंसी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2016-17 में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की और कटौती हो सकती है। उल्लेखनीय है कि चार अक्तूबर को मौद्रिक नीति समीक्षा में रिजर्व बैंक ने रेपो दर 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया। रेटिंग एजेंसी का मानना है कि नरम मौद्रिक नीति का रुख अगले महीने भी बना रहेगा।

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