December 10, 2016

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अब डिजिटल डिपाजिट में रख सकेंगे प्रमाणपत्र और पुरस्कार

शेयर डिपाजिटरी की तर्ज पर अगले तीन महीने में एक राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपाजिटरी (एनएडी) कायम की जाएगी। इस डिपाजिटरी में उच्च शिक्षा संस्थानों की ओर से दिए जाने वाले शिक्षा प्रमाणपत्र, डिग्रियों और अन्य शैक्षणिक पुरस्कारों को डिजिटल आधार पर संग्रहित किया जाएगा।

शेयर डिपाजिटरी की तर्ज पर अगले तीन महीने में एक राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपाजिटरी (एनएडी) कायम की जाएगी। इस डिपाजिटरी में उच्च शिक्षा संस्थानों की ओर से दिए जाने वाले शिक्षा प्रमाणपत्र, डिग्रियों और अन्य शैक्षणिक पुरस्कारों को डिजिटल आधार पर संग्रहित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को निर्णय किया कि डिपाजिटरी को अगले तीन माह के बाद स्थापित और परिचालित किया जाएगा और 2017-18 तक इसे पूरे देश में प्रभावी कर दिया जाएगा।  कैबिनेट बैठक के बाद जारी एक बयान में यहां कहा गया कि वित्त मंत्री के बजट भाषण में शेयर डिपाजिटरी की तर्ज पर उच्च शिक्षा संस्थानों की ओर से दिए जाने वाले शिक्षा प्रमाणपत्र, डिग्रियों और अन्य शैक्षणिक पुरस्कारों को डिजिटल आधार पर संग्रहीत करने के लिए डिजिटल डिपाजिटरी स्थापित करने की घोषणा की गई थी। बयान में कहा गया, इस निर्णय का उद्देश्य डिजिटल भारत के स्वप्न को एक अन्य आयाम तक पहुंचाना और बढ़ावा देना है।


एनएडी को एनएसडीएल डाटाबेस मैनेजमेंट लिमिटेड (एनडीएमएल) और सीडीएसएल वेंचर्स लिमिटेड (सीवीएल) परिचालित करेगी। ये दोनों भारतीय प्रतिभूति एक्सचेंज बोर्ड (सेबी) में पंजीकृत डिपाजिटरी की पूरी तरह स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां हैं। इसमें डिजिटल आधार पर संग्रहित डाटा की प्रामाणिकता के लिए वह शैक्षिणक संस्थान जिम्मेदार होगा जो इसे प्रणाली में अपलोड करेगा। डिपाजिटरीज एनएडी में संग्रहित होने वाले आंकड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। एनएडी शिक्षण संस्थानों, बोर्डों, योग्यता आकलन निकायों, छात्रों और अन्य उपयोगकर्ताओं को पंजीकृत करेंगे। इसमें बैंकों, नियोक्ता कंपनियों, सरकारी एजंसियों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे पुष्टि करने वाले निकाय भी होंगे।

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First Published on October 28, 2016 1:20 am

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