ताज़ा खबर
 

सुप्रीम कोर्ट ने BS III वाहनों की बिक्री पर 1 अप्रैल से लगाई रोक, कहा- बिजनेस से ज्यादा जरूरी लोगों का स्वास्थ्य

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (29 मार्च) को भारत स्टेज (BS) III इंजिन वाली गाड़ियों की सेल पर रोक लगा दी है।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (29 मार्च) को भारत स्टेज (BS) III इंजिन वाली गाड़ियों की सेल पर रोक लगा दी है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब आगामी 1 अप्रैल 2017 से BS III गाडियों की बिक्री बंद होगी। कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा है कि जिन गाड़ियों को भारत स्टेज (BS) IV के मानकों के हिसाब नहीं तैयार किया गया है उनकी सेल पर 1 अप्रैल से रोक लगा दी जाएगी। वहीं माना जा रहा है कि यह फैसला ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को बड़ा झटका दे सकता है क्योंकि वित्त वर्ष 2016-17 के अंत में लगभग कई ऑटोमोबाइल कंपनियों के पास काफी सारा स्टॉक है और बैन लगने से कंपनियों को करोड़ो रुपये का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा कोर्ट ने उस दलील को भी ठुकरा दिया जिसमें सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों ने वित्त वर्ष 2016-17 के अंत में बचे हुए स्टॉक को बेचने की इजाजत मांगी थी।

कोर्ट ने इस दलील पर कहा कि ऑटोमोबाइल कंपनियों को पहले से ही 1 अप्रैल की समयसीमा की जानकारी थी और लोगों का स्वास्थ्य, पुराने पड़े स्टॉक से ज्यादा जरूरी है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स (SIAM) के मुताबिक देशभर में लगभग BS III मानकों के हिसाब से तैयार की गईं गाड़ियों के 9 लाख यूनिट कंपनियों के डीलरशिप इंवेंट्री में दर्ज है। इस स्टॉक की कीमत लगभग 12,000 करोड़ रुपये है। बैन लगने से इन्हें बेचा नहीं जा सकेगा। भारत में लगभग 20 हजार ऑटोमोबाइल डीलर्स हैं जिनके पास यह पुराना स्टॉक मौजूद है। अकेले हिरो मोटो कॉर्प ने कुछ समय पहले दावा किया था कि BS III पर बैन लगने से उसे 1600 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है।

वहीं केंद्र सरकार ने भी ऑटोमोबाइल कंपनियों के स्टॉक की ब्रिकी को सपोर्ट किया था लेकिन कोर्ट ने इसे मानने के इनकार कर दिया। वहीं कंपनियों ने कोर्ट में यह दावा भी किया कि उन्हें पुराने नॉर्म एमिशन के वाहन, 2005 और 2010 में लाई गई नई तकनीक के जरिए बेचने की इजाजत है लेकिन कोर्ट ने इस दलील को भी खारिज कर दिया।

देखें वीडियो

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में GST से जुड़े 4 बिल किए पेश; कहा- "यह सबका फायदा करेगा"

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.