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सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में रेलवे को जमकर लगाई लताड़, कहा- कई प्रोजेक्‍ट्स में की गई देरी

24 परियोजनाओं के लिए 59 महीने का वक्त लगने का अनुमान लगाया गया है।
Author July 22, 2017 17:56 pm
रेलवे के एक कार्यक्रम के दौरान रेलमंत्री सुरेश प्रभु। (एक्सप्रेस फोटो)

भारत के नियंत्रणक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) ने रेलवे में विद्युतीकरण के लिए प्रक्रिया, कार्यो को सौंपने व उसे पूरा करने में हुए विलंब के लिए रेलवे को जमकर लताड़ लगाई है। सीएजी ने कहा है कि निविदा की प्रक्रिया में समय को कम करने के लिए रेलवे ने ई-निविदा प्रणाली को नहीं अपनाया। शुक्रवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में सीएजी ने कहा है कि विस्तृत जांच के लिए उसने पूरी हो चुकी 14 परियोजनाओं, 15 जारी परियोजनाओं तथा सात नई परियोजनाओं का ऑडिट किया। अपनी रिपोर्ट में सीएजी ने कहा, “रेलवे के एक अनुभाग में विद्युतीकरण करना है या नहीं, इसके लिए समय बचाने के उद्देश्य की पूर्ति नहीं की जा रही है, क्योंकि प्रस्तावों की प्रक्रिया तथा संक्षिप्त अनुमान में विलंब किया जा रहा है। 24 परियोजनाओं के लिए 59 महीने का वक्त लगने का अनुमान लगाया गया है।” केंद्रीय ऑडिटर ने कहा, “कारेपल्ली-भद्राचलम, शकूरबस्ती-रोहतक, झांसी-कानपुर, बरौनी-कटिहार-गुवाहाटी तथा गुनातकाल-कल्लूर की तुलना में परियोजनाओं में भिन्नता 40 फीसदी से अधिक है।”

सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में इसका भी जिक्र किया है कि सालाना कार्य कार्यक्रम में विद्युतीकरण परियोजनाओं को शामिल करने के बाद रेलवे बोर्ड ने विद्युतीकरण की परियोजनाओं को एजेंसियों को सौंपने में विलंब किया। सीएजी के मुताबिक, “सेंट्रल ऑर्गजनाइजेशन फॉर रेलवेज इलेक्ट्रीफिकेशन (सीओआरई) की 17 परियोजनाओं के संदर्भ में 337 दिन तथा रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) की छह परियोजनाओं के संदर्भ में 202 दिनों का विलंब किया गया।”

रिपोर्ट के मुताबिक, “सीओआरई को सौंपी गई 27 परियोजनाओं की निविदा जारी करने के लिए 3,177 दिनों का वक्त लिया गया, जबकि आरवीएनल को सौंपी गई सात परियोजनाओं के लिए 12 निविदाएं जारी करने के लिए 915 दिनों का वक्त लिया गया।” सीएजी ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि परियोजना को समय पर पूरा करने को कोई तवज्जो न देते हुए निविदा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

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  1. B
    bitterhoney
    Jul 23, 2017 at 12:13 am
    CAG की रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा है, यह मोदी सरकार को बदनाम करने की साजिश है.देश ने तीन साल में सभी छेत्र में इतनी प्रगति की है कि पिछली कई सदियों में नहीं हुई. बीते तीन साल में एक भी घोटाला नहीं हुआ. मोदीजी के सभी मंत्री निष्ठां से देश कि सेवा में लगे हुए हैं. घोटाला करना तो दूर रहा अपनी सारी संपत्ति देश पर न्योछावर कर दी है. अगर आवश्यकता हुई तो अपना जीवन भी देश कि सुरक्षा में बलिदान कर देंगे.
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    1. B
      bitterhoney
      Jul 22, 2017 at 11:39 pm
      मोदी जी, आपकी बुलेट ट्रेन कहाँ तक पहुंची, जनता अहमदाबाद स्टेशन पर खड़ी इंतजार कर रही है, कम से कम यह तो बता दीजिये कि इस समय किस स्टेशन पर खड़ी है. भारत की गरीब जनता बुलेट ट्रेन पर बैठने के लिए ब्याकुल है. जनता में इस बात को सुन कर बड़ी हैरानी है की बुलेट ट्रेन में गिलास से पानी नहीं छलकता क्योंकि अपनी राजधानी में तो ऐसा झटका लगता है कि ऊपर लेटा हुआ यात्री धड़ाम से नीचे आ गिरता है. कभी कभी तो ऊपर रक्खा हुआ सामान नीचे बैठे यात्री के सर पर गिर जाता है. शौचालय में शौच करते समय सर दीवार से टक्कर मारता रहता है. बुलेट ट्रेन से यह लाभ तो होगा ही कि यात्री बिना किसी झटके के यात्रा का आनंद ले सकेगा. हमने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारे देश में कभी यात्रा करना इतना सुखदायी होगा. यह केवल हमारे प्रधान मंत्री का चमत्कार है. जनता का सौभाग्य है कि देश ऐसा महान प्रधान मंत्री मिल गया है. पहले जितने भी प्रधान मंत्री हुए किसी ने जनता के दुःख दर्द कि चिंता नहीं की, केवल अपनी जेब भरी.
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