December 05, 2016

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काला धन अर्थतंत्र से बाहर: शाह

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि एक हजार और पांच सौ के नोट (करीब 15 लाख 75 हजार करोड़) बैंक में जमा होने से काला धन सिस्टम से बाहर हो गया है।

Author नई दिल्ली | November 11, 2016 00:47 am

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि एक हजार और पांच सौ के नोट (करीब 15 लाख 75 हजार करोड़) बैंक में जमा होने से काला धन सिस्टम से बाहर हो गया है। इससे काला धन रखने वाले आतंकवादियों, नक्सली और नशे का कारोबार करने वालों को परेशानी होगी, आम आदमी को परेशानी नहीं होगी। अभी कुछ दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाएगा। किसी आम आदमी को कठिनाई नहीं होने दी जाएगी। बैंको ने कामकाज का समय बढ़ाया है और लोगों को कम से कम कठिनाई हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के इस कदम से काला धन में कमी आएगी और चुनाव लड़ना आसान हो जाएगा। चुनाव में खर्च की सीमा कितनी हो, यह तय करने का काम चुनाव अयोग का है लेकिन उनका मानना है कि अब चुनाव में कम धन खर्च होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि काले धन को काबू करने के लिए सरकार आगे भी कई और कदम उठाएगी। वे यह भी मानते हैं कि केंद्र सरकार के इस फैसले से भाजपा का भी एक समर्थक वर्ग नाराज होगा। अपनों का दर्द दबा कर उन्होंने सरकार के इस फैसले का जोरदार तरीके से बचाव किया। इसके बावजूद सरकार जनहित में इस तरह के फैसले लेते रहेगी।

 

 
शाह ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि यह मामला जनता और भारतीय रिजर्व बैंक का है। इसे बिना राजनीति में पड़े उसी तरह से सोचना चाहिए। उनका कहना है कि बाजारों में भी रौनक जल्द लौटेगी। शादी-व्याह में ज्यादा परेशानी इसलिए नहीं होगी क्योंकि अब तो ज्यादातर लेन-देन चेक आदि से ही होने लगा है। उनका यह भी मानना था कि लोगों को घर कम कीमत पर मिलने लगेंगे क्योंकि रीयल इस्टेट में बड़े पैमाने पर लगने वाले काला धन अब नहीं लग पाएंगा। शाह का यह भी कहना था कि सरकार आम जन ने बनाई है, सरकार आम जन के हितों में काम कर रही है। वे मानते हैं कि इतना बड़ा फैसला लेने पर कुछ तो कठिनाई आएगी ही। प्रधानमंत्री मोदी काला धन को खत्म करने के अपने संकल्प पर दृढ़ हैं। काला धन पर एसआइटी का गठन, देश में बीस करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोलना जैसे कदम उसी उद्देश्य से लिए गए थे।
दिल्ली तक के बैंकों में गुरुवार को लंबी-लंबी लाइनें लगने और अनेक बैंकों में नकदी समय पर न आने के सवाल पर शाह का कहना था कि ऐसा कुछ जगह हुआ होगा। पूरी गोपनीयता बरत कर फैसला लेने से कुछ-कुछ परेशानी हुई है लेकिन यह देश हित में जरूरी है। दूरदराज के इलाकों के लिए हजार और पांच सौ के रुपए जमा करने की समयसीमा को 31 दिसंबर से बढ़ाने के सवाल पर उनका कहना था कि इसकी जरूरत नहीं आएगी। वैसे आम लोगों को जो सहूलितें देनी चाहिए, वह दी जा रही है। उनका यह भी दावा था कि सरकार के इस फैसले से आम आदमा खुश है।
भाजपा अध्यक्ष का कहना था कि कल से आ रहे विभिन्न दलों के बयानों ने साबित कर दिया है कि कौन सा दल काला धन के लिए परेशान है। उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला सपा से है। बसपा कहीं भी मुकाबले में नहीं हैं। कांशीराम तक पार्टी की छवि गरीब-पिछड़ों-दलित के समर्थन की थी, अब तो वह अलग ही पार्टी बन गई है। भाजपा बड़े नोट को बंद करने के मुद्दे को आगामी चुनावों में जोर-शोर से उठाएगी। भाजपा चाहती है कि देश में कर के पैसे सही तरीके से आए जिससे देश की सेना को दुनिया की महान सेना बनाया जा सके। वैज्ञानिक बेहतर शोध करें और हमारे छात्रों को भी दुनिया में अव्वल शिक्षा मिले। हर बार की तरह ढर्रे पर ही बजट न आए। सरकार बेहतर योजनाओं को ढंग से लागू कर पाए और यह सरकार दूसरे से अलग दिखे। सर्जिकल स्ट्राइक से जो सरकार का छवि बनी है, वह सरकार के इस कदम से और बेहतर हुई है।

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First Published on November 11, 2016 12:46 am

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