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मॉनसून बेहतर रहने से देश की आर्थिक स्थिति में होगा सुधार: इक्रा

जून में हुई कुल बरसात में 11 प्रतिशत की कमी थी लेकिन इक्रा ने कहा कि स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
Author मुंबई | July 7, 2016 15:57 pm
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

देश भर में मॉनसून के फैलाव के साथ घरेलू साख निर्धारक एजेंसी इक्रा ने कहा है कि अच्छी वर्षा से ग्रामीण क्षेत्र की मांग की स्थिति में सुधार होगा और यदि मनरेगा के तहत काम की मांग हल्की पड़ती है तो राज्यों तथा केन्द्र की वित्तीय स्थिति में भी सुधार आएगा। इसने कहा है कि खरीफ और गर्मी की फसल अधिक होने से मु्द्रास्फीति को कम करने में भी मदद मिलेगी।

इक्रा की वरिष्ठ अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि कृषि क्षेत्र की आय में अपेक्षित वृद्धि से चालू वित्तवर्ष के उत्तरार्द्ध में ग्रामीण मांग फिर से पुनर्जीवित हो सकती है। केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के वेतनमान और पेंशन में वृद्धि के बाद खपत में भी वृद्धि हो सकती है। देर होने के बावजूद गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों को छोड़कर मॉनसून ने लगभग पूरे देश को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। जून में हुई कुल बरसात में 11 प्रतिशत की कमी थी लेकिन इक्रा ने कहा कि स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

मॉनसून की प्रगति तेज होने के साथ ही मुख्यतौर पर खरीफ की खेती का दायरा बढ़ने और तापमान में कमी के साथ जल्दी खराब होने वाले फल एवं सब्जियों के दाम नीचे आने से खाद्य मुद्रास्फीति में कमी आएगी। इक्रा ने कहा है कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अमल में आने और निम्न ब्याज दरों के साथ अनुकूल मॉनसून से दोपहिया कंपनियों को फायदा पहुंचेगा। हालांकि चीनी वर्ष 2017 के दौरान चीनी उत्पादन में 4 से 8 प्रतिशत कमी रहने का अनुमान है क्योंकि पिछले साल महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में वर्षा कम होने से गन्ने का उत्पादन प्रभावित हुआ है।

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