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2016 में रोज 20 घंटे टीवी पर दिखे बाबा रामदेव

बाबा रामदेव की पतंजलि बड़ी-बड़ी विदेशी एफएमसीजी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रही है।
बाबा रामदेव अपने पतंजलि प्रॉडक्ट्स के साथ। (File Photo)

बाबा रामदेव की पतंजलि विदेशी एफएमसीजी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रही है। न्यूज चैनलों पर पतंजलि की किफायती मीडिया स्ट्रैटिजी काफी कारगर साबित हो रही हैं। कंपनी बाबा रामदेव की निजी साख का इस्तेमाल करने के साथ ही अपने प्रॉडक्ट्स के प्राकृतिक होने का दावा कर रही है और विज्ञापनों के प्रसारण के लिए उसने खासतौर पर न्यूज चैनलों को चुना है। व्यूअरशिप मेजरमेंट एजेंसी BARC इंडिया के डेटा के अनुसार, 2016 में पतंजलि ने टीवी चैनलों पर 11.4 लाख विज्ञापन दिए। कंपनी के विज्ञापन 7,221 घंटों के लिए टीवी चैनलों पर दिखाए गए। इस लिहाज से प्रतिदिन औसतन 19 घंटे 43 मिनट के विज्ञापनों का प्रसारण हुआ। इस लिहाज से बाबा रामदेव सबसे ज्यादा बार टीवी पर दिखाई दिए।

इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पतंजलि देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाली एफएमसीजी कंपनी है। इसका राजस्व 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का हो चुका है और कंपनी का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष की समाप्ति तक राजस्व 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा। मीडिया विशेषज्ञों का कहना है कि पतंजलि की कामयाबी के पीछे उसके जोरदार मीडिया कैंपेन के अलावा मार्केटिंग स्ट्रैटिजी का भी शामिल है।

देंत्सु एजिस नेटवर्क के सीएमडी आशीष भसीन का कहना है कि उनकी रणनीति बहुत ही आक्रामक है। एफएमसीजी कोई आसान व्यापार नहीं है और इसके लिए ब्रांड के साथ डिस्ट्रीब्यूशन को भी मजबूत बनाने की जरूरत होती है। पतंजलि का डिस्ट्रीब्यूशन बेहतर है और प्रमोटर खुद इसके सबसे बड़े ब्रांड एम्बेस्डर हैं। हालांकि मीडिया को लेकर पतंजलि आयुर्वेद की सोच अलग है। कंपनी के प्रवक्ता एस के तिजारावाला के मुताबिक, हम केवल विज्ञापन नहीं देते बल्कि वह कैंपेन चलाते हैं, जिसमें जानकारी हो।

रिपोर्ट के मुताबिक पतंजलि का विज्ञापन पर खर्च बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के मुकाबले महज 8-10 पर्सेंट है। तिजारावाला ने कहा, हम बाबा रामदेव की ओर से तय किए गए तीन मूल सिद्धांतों पर काम करते हैं। ये सिद्धांत वर्ल्ड क्लास क्वॉलिटी, कम कीमत और पूरा प्रॉफिट चैरिटी में देने से जुड़े हैं। हमारे कैंपेन में भी हम सिलेब्रिटीज पर खर्च नहीं करते। बाबा रामदेव खुद ही ग्राहकों से बात करते हैं। हमारा विज्ञापन और मार्केटिंग पर कुल खर्च सिर्फ 300 करोड़ रुपये है। इसके बावजूद भी कंपनी को कम खर्च में इतना ज्यादा प्रचार कैसे मिल जाता है। यह खास इसलिए है क्योंकि पतंजलि के 2016 में कुल विज्ञापनों में से 84 पर्सेंट समाचार चैनलों पर चले थे। मीडिया प्लानर्स का कहना है कि इस स्ट्रैटिजी से बाबा रामदेव को ट्रेडर्स और दर्शकों के बीच ब्रांड को एक साथ मजबूत करने में मदद मिली है।

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