December 10, 2016

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लेने जा रहे हैं लोन तो भूल से भी न करें ये 5 गलतियां, उठाना पड़ सकता है बड़ा खामियाजा

भारत के सबसे बड़े बैंक एसबीआई, प्राइवेट सेक्टर के बैंक एचडीएफसी और आईसीआईसीआई ने होम लोन की दरों में कटौती करके कस्टमर्स को खुशखबरी दी है।

स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया ने होम लोन की रेट में कटौती की है। इसके साथ ही एसबीआई की होम लोन रेट 9.1 प्रतिशत हो गई है।

भारत के सबसे बड़े बैंक एसबीआई, प्राइवेट सेक्टर के बैंक एचडीएफसी और आईसीआईसीआई ने होम लोन की दरों में कटौती करके कस्टमर्स को खुशखबरी दी है। इसके बाद अगर आप भी होम लोन, कार लोन या किसी अन्य तरह के लोन लेने जा रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। बेहतर होगा कि आप कुछ बातों पर विचार करके, सभी टर्म्स एंड कडीशंस को ध्यान में रखकर लोन लें ताकि आपको भविष्य में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही फैक्टर्स के बारे में जिनके आप लोन लेते समय ध्यान में रखें।

लैंडिंग रेट्स की करें तुलना
बैंक और NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां) कई तरह के लोन और इंटरेस्ट रेट्स ऑफर करती हैं, बेहतर है कि लोन लेने से पहले आप उन सभी ऑफर्स की तुलना कर लें और देख ले आपके लिए कौन-सा विकल्प बेहतर रहेगा। सिर्फ किसी द्वारा लोन एप्रूव हो जाने या फिर उसी बैंक में अकाउंट है इसका यह मतलब नहीं है कि वो आपको बेस्ट डील उपलब्ध करवाएंगे। बेहतर होगी कि आप लोन की कंडीशन्स, कीमत और रिपेमेंट के विकल्पों पर विचार करके लोन लें। हमेशा अपनी ाय के बारे में सही जानकारी दें।

सीमा के भीतर ले उधार
लोन उतना ही लेना चाहिए जिसे आप आसानी से वापस कर सकें तथा लोन और इनकम का रेशियो स्वीकार्य सीमा के भीतर हो। मोटे तौर पर आपका होम लोन की ईएमआई इनकम के 40 पर्सेंट से कम, कार लोन 15 % से कम, पर्सनल लोन 10 से % कम होना चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि सभी ईएमआई आय के 50 पर्सेंट से ज्यादा न हो। ईएमआई पर ज्यादा खर्च करना आपकी बाकी वित्तीय जरुरतों को प्रभावित कर सकती हैं।

गारंटर बनने से बचे
किसी फ्रेंड या रिश्तेदार के लोन में गारेंटर बनने में सावधानी बरतें। क्योंकि अगर लोन देने में किसी भी तरह की चूक होती है तो इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ेगा। इसके अलावा अगर वो लोन नहीं चुका पाता है तो बैंक लोन की अदायगी आप से भी कर सकती है।

 

लोन चुकाने का समय रखें कम
लोन लेते समय कोशिश करनी चाहिए लोन वापस करने की अवधि कम हो। इससे आपको बैंक को पैसे नहीं देने होंगे। अगर आप कम उम्र में लोन लेते हैं तो सैलरी में सालाना होने वाले इंक्रीमेंट के बाद आप अपनी ईएमआई के अमाउंट को बढ़ा सकते हैं। ध्यान रखें जितना लंबा समय आप लोन वापस करने के लिए चुनेंगे उतना ही ज्यादा पैसे आपको देने होंगे।

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लोन का कराएं इंश्योरेंस
अगर आपके लोन का अमाउंट ज्यादा है तो याद रखे कि आप कोई टर्म प्लान या लोन प्रोटेक्शन कवर ले सकते हैं जो आपको कुछ होने ही स्थिति में आपकी फैमिली को कर्ज से बचाएगा। अगर आप बेरोजगार हो जाते हैं या किसी अनहोनी का शिकार हो जाते हैं तो उस कंडीशन में लोन प्रोटेक्शन इंश्योरेंस आपकी मदद करेगा। ज्वाइंट लोन इंश्योरेंस आपको और आपके साथ उधार लेने वाले दोनों को कवर करेगा।

 

 

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First Published on November 8, 2016 1:52 pm

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