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जेटली ने दिया विदेशी निवेशकों को निमंत्रण

सड़क, रेलवे और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश को आमंत्रित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को यहां सिंगापुर व संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशोें के सावरेन (सरकारी) संपत्ति कोषों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की।
Author नई दिल्ली | February 5, 2016 00:33 am
वित्तमंत्री अरुण जेटली

सड़क, रेलवे और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश को आमंत्रित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को यहां सिंगापुर व संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशोें के सावरेन (सरकारी) संपत्ति कोषों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की। जेटली ने उनका ध्यान वैश्विक नरमी के इस दौर में भी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति और देश की नीतियों में स्थिरता की ओर आकर्षित किया।

जेटली ने गुरुवार को शुरू हुए दो दिन के ‘भारत निवेश सम्मेलन, 2016’ का उद्घाटन करते हुए निवेशकों के सामने भारत में उपस्थित अवसरों को पेश किया। साथ ही उन्हें विशेष रूप से सड़क, राजमार्ग, तेल व गैस, शहरी बुनियादी ढांचा और रेलवे परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने यूरोपीय निवेश बैंकों और सिंगापुर व संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के सावरेन फंडों समेत कई संभावित निवेशकों के साथ एकांत में चर्चा की।

उन्होंने सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था भारतीय बाजार की विश्वसनीयता को पुनर्स्थापित करना। भारतीय अर्थव्यवस्था की विश्वसनीयता स्थापित करने की कोशिश में यह भी महत्वपूर्ण था कि हम न सिर्फ सुधार करें बल्कि सुधारों को सुनिश्चित दिशा में बढ़ाते जाएं। जेटली ने कहा कि निर्णय प्रक्रिया भी तेजी हुई है और निवेश की राह में मुश्किल बनी शर्तों को काट छांट दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले 19 महीने में भाजपा सरकार ने निवेश के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि निर्णय प्रक्रिया तेज हो, नीतिगत बदलाव हो और ढांचागत सुधार समेत और स्थिति बेहतर हो। उन सुधारों की गति निरंतर बनी हुई है और दिशा सुनिश्चित है। इस तरह पिछले 19 महीनों में हमने भारत में निवेश का दरवाजा खोला है। उन्होंने कहा- हमने प्रक्रियाओं को आसान बनाया है।

जिन विभिन्न शर्तों की वजह से निवेश प्रक्रिया और मुश्किल हो जाती थी उन्हें खत्म किया है। हम कारोबार की सुगमता बढ़ाने के लिए सक्रियता से प्रयास कर रहे हैं। जेटली ने यह भी उम्मीद जताई कि संसद के बजट सत्र में वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) विधेयक और दिवाला व शोधन अक्षमता विधेयक पारित हो जाएगा।

उन्होंने कहा- हमने दिवाला एवं शोधन अक्षमता कानून का प्रभावी मसविदा तैयार करने में पूरा वक्त लगाया है। जिसे पिछले सत्र में संसद में पेश किया गया था। संयुक्त समिति मार्च के पहले हफ्ते में एक रपट पेश करने के लिए रोजाना काम कर रही है। जिससे हमें आने वाले सत्र में इसे पारित करने में मदद मिलेगी।

भारत में निवेश के मौकों के संबंध में जेटली ने कहा कि वैश्विक आबादी का छठा हिस्सा और सबसे बड़ा मध्य वर्ग यहां है। लोग अर्थव्यवस्था पर तब ध्यान देते हैं, अर्थव्यवस्था में तब निवेश शुरू होता है जबकि उसकी विश्वसनीयता स्थापित हो जाती है।

उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता नीतिगत स्थिरता से स्थापित होती है। निरंतर पहलों से इसे विकसित होने देने से होती है। मुझे लगता है कि वैश्विक नरमी के मद्देनजर भारत में भारी अवसर हैं। हम इसका पूरी तरह फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

 

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