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भारत को वैश्विक स्तर के अनुरूप टैक्स दरों की आवश्यकता: जेटली

वित्त मंत्री ने कहा कि यह विचार है कि अगर सरकार को कर नहीं दिया जाता है तो इसमें कुछ भी ‘अनुचित’ या ‘अनैतिक’ नहीं माना जाता रहा है।
Author फरीदाबाद | December 26, 2016 19:55 pm
वित्त मंत्री अरुण जेटली। (File Photo: PTI)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार (26 दिसंबर) को कहा कि अगर देश को व्यापक आधार वाली अर्थव्यवस्था बनाना है तो दुनिया के दूसरे देशों के अनुरूप कर दरों का निम्न स्तर होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह विचार अब बीते दिनों की बात हो गयी है कि कर की ऊंची दरों से अधिक राजस्व मिलता है, 1991 से अर्थव्यवस्था का यह सिद्धांत बदल गया है। आईआरएस अधिकारियों के पेशेवर प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए जेटली ने कहा, ‘…. आपको व्यापक आधार वाली अर्थव्यवस्था की जरूरत है जिसके लिये आपको करों के निम्न स्तर की आवश्यकता है। आपको वस्तुओं का विनिर्माण करने और सेवाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है जो प्रतिस्पर्धी हों और इसीलिए आपके कर वैश्विक स्तर के अनुरूप होने चाहिए।’

उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा केवल घरेलू नहीं है बल्कि वैश्विक है और इसीलिए पिछले ढाई दशक में सरकारें इन सिद्धांतों से निर्देशित होती रही हैं। पिछले 70 साल के लोगों के व्यवहार को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह विचार है कि अगर सरकार को कर नहीं दिया जाता है तो इसमें कुछ भी ‘अनुचित’ या ‘अनैतिक’ नहीं माना जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इसे ‘वाणिज्यिक क्षेत्र में कुशलता’ के रूप में देखा जाता है और वास्तव में कुछ लोगों ने इसका गंभीर परिणाम भुगता है।

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  1. A
    Avi
    Dec 26, 2016 at 3:32 pm
    देशवासियों को लूटकर भिखारी बना दिया... अब फालतू कर रहे हैं...इनकी दो-कौड़ी की नौटंकी से कितने ही लोगों की नौकरियां चली गईं ... अब क्या बेरोजगार लोगों से टैक्स लेंगे?
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग