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‘सर्ज चार्ज’ पर पाबंदी का मसौदा तैयार

दिल्ली सरकार ने ऐप आधारित कैब सेवाओं के लिए नीति बनाई है। इसके तहत अब ग्राहकों से सर्ज चार्ज नहीं वसूले जा सकेंगे।
Author नई दिल्ली | August 11, 2016 01:49 am

दिल्ली सरकार ने ऐप आधारित कैब सेवाओं के लिए नीति बनाई है। इसके तहत अब ग्राहकों से सर्ज चार्ज नहीं वसूले जा सकेंगे। परिवहण मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को कहा कि एक महीने के अंदर योजना को अंतिम रूप देकर उपराज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। पॉलिसी के प्रभाव में आने में लगने वाले समय पर जैन ने कहा कि यह उपराज्यपाल पर निर्भर है कि वे कब तक मंजूरी देते हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ऐप आधारित कैब सेवाओं का लंबे समय से विरोध होता आया है। इनके खिलाफ हाल ही में दिल्ली के आॅटो चालक और काली पीली टैक्सियां हड़ताल कर चुकी हैं, तब सरकार ने इन कैब सेवाओं के लिए नीति निर्धारण की बात कही थी। परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, ‘यह नीति लगभग तैयार है और सारे स्टेकहोल्डर्स (ओला, उबर जैसे आॅपरेटर्स, आॅटो, टैक्सी चालकों और आम जनता) से बात-चीत कर इसे अंतिम स्वरूप दिया जा रहा है और एक महीने के अंदर-अंदर इसे उपराज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा’। उन्होंने कहा कि यह नीति ऐप आधारित प्रीमियम बस के लिए बनाई गई नीति के आधार पर तैयार की गई है।

सत्येंद्र जैन ने कहा, ‘इस नीति के लागू होने के बाद ओला-उबर जैसे आॅपरेटर्स सर्ज प्राइसिंग, अतिरिक्त चार्ज नहीं ले सकते, कोई छुपा हुआ चार्ज नहीं ले सकते, अब सब कुछ उपभोक्ता को स्पष्ट बताना होगा, कैब में मीटर भी लगाना होगा और मीटर के हिसाब से चलना होगा’। परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब सर्ज चार्जिंग की इजाजत बिल्कुल नहीं होगी, एक अधिकतम सीमा के ऊपर किराया नहीं वसूला जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘ओला-उबर को कानून के हिसाब से चलना होगा। जैसे सरकार के कानून आॅटो-टैक्सी पर लागू होते हैं वैसे ही ऐप आधारित इन सेवाओं पर भी लागू होंगे’। परिवहन मंत्री ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार नीति के संबंध में लोगों की राय ली जा रही है, स्टेकहोल्डर्स की बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उपराज्यपाल की मंजूरी के बगैर यह नीति लागू नहीं की जा सकेगी।

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