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गंगाजल के बाद अब डाकघरों में मिलेगी सस्ती दाल, मोदी सरकार की नई योजना

सरकार डाकघरों से दाल बेचने की योजना को अंतरिम उपाय के तौर पर आजमा रही है जबतक कि इसके लिए किसी खास एजेंसी को अधिकृत नहीं कर दिया जाता है। सरकार ने देश में दालों के 20 लाख टन भंडार को मंजूरी दी है।
डाकघरों से गंगाजल के बाद अब लोगों को सस्ते दाल मिलेंगे। (फोटो-रायटर्स)

डाकघरों से गंगाजल के बाद अब लोगों को सस्ते दाल मिलेंगे। केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय भंडजार से दाल खरीदने की राज्य सरकारों की सुस्त रफ्तार के बाद यह फैसला किया है। केन्द्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक एक-दो हफ्ते में सरकार जल्द इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने जा रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, उपभोक्ता मंत्रालय के अधिकारियों ने पोस्ट डिपार्टमेन्ट के अधिकारियों से बात कर ली है और जल्द ही डाकघरों से बाजार दर से कम कीमत पर चना दाल बिकने लगेंगे। शुक्रवार को जारी मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अंतर मंत्रालयी समिति ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों की समीक्षा की है। उसके बाद यह फैसला किया गया। राज्यों में केन्द्रीय भंडार की दुकानें नहीं है इसलिए डाक विभाग को इसका जरिया बनाया जा रहा है।

मंत्रालय के मुताबिक अगले कुछ दिनों में दाल के पैकेट्स पोस्ट ऑफिस में मिलने लगेंगे। इसके लिए सरकारी एजेंसियां काम कर रही हैं। फिलहाल दिल्ली में राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) मोबाइल वैन के सहारे दाल बेच रहा है। पिछले साल सरकार को आयातित दाल को निपटाना पड़ा था क्योंकि अतिरिक्त भंडार होने के बावजूद राज्य सरकारों ने उसे लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। इस साल भी किसानों से करीब 1.5 लाख टन दाल की खरीद और विदेशों से हुए आयात के बाद दालों का भंडार काफी मात्रा में है लेकिन राज्य सरकारें उसे खरीदने में रुचि नहीं दिखा रही है।

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माना जा रहा है कि सरकार डाकघरों से दाल बेचने की योजना को अंतरिम उपाय के तौर पर आजमा रही है जबतक कि इसके लिए किसी खास एजेंसी को अधिकृत नहीं कर दिया जाता है। सरकार ने देश में दालों के 20 लाख टन भंडार को मंजूरी दी है।

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First Published on October 15, 2016 12:39 pm

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