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बंद हुए 99% नोट आ गए बैंकों में वापस: आरबीआइ

नोटबंदी के बाद कई लोगों को उम्मीद थी कि ढेर सारे प्रतिबंधित नोट प्रणाली में नहीं लौटेंगे, लेकिन यह बात सही साबित नहीं हुई।
Author नई दिल्ली | August 31, 2017 01:00 am
वित्त मंत्री अरुण जेटली (Photo; PTI)

भारतीय रिजर्व बैंक की बुधवार को जारी वार्षिक रपट के अनुसार नोटबंदी में प्रतिबंधित 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों में 99% नोट बैंंिकग प्रणाली में वापस आ गए हैं, जो 15.28 लाख करोड़ रुपए मूल्य के बराबर हैं। सरकार ने कालेधन और भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने के लिए पिछले साल 8 नवंबर की मध्यरात्रि से इन बड़े मूल्य के नोटों के चलन को रोक दिया था और इनके बदले नए नोट जारी किए गए थे।

केंद्रीय बैंक लंबे समय से नोटबंदी के बाद बैंंिकग प्रणाली में वापस आए नोटों की वास्तविक संख्या बताने में आनाकानी करता रहा। लेकिन अपनी वार्षिक रपट में उसने बताया कि प्रतिबंधित मुद्रा में से 15.28 लाख करोड़ रुपए उसके पास वापस आ गए और मात्र 16,050 करोड़ रुपए की मुद्रा ही उसके पास नहीं लौट सकी है। रपट में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद 500 और 2,000 रुपए के नए नोटों के साथ अन्य मूल्य के नोटों को प्रिंट करने की लागत लगभग दोगुना बढ़कर 7,965 करोड़ रुपए हो गई जो उससे पिछले वर्ष में 3,421 करोड़ रुपए थी। नोटबंदी के कदम के समर्थन में सरकार ने कहा था कि इससे कालेधन, भ्रष्टाचार और नकली मुद्रा पर लगाम लगेगी। लेकिन विपक्ष ने सरकार के इस दावे की खिल्ली उड़ाई है।वर्ष 2016-17 की अपनी वार्षिक रपट में केंद्रीय बैंक ने कहा कि नवंबर में हुई नोटबंदी से पहले 500 रुपए के 1,716.5 करोड़ और 1,000 रुपए के 685.8 करोड़ नोट चलन में थे जिनका कुल मूल्य 15.44 लाख करोड़ रुपए था। केंद्रीय बैंक ने अपनी वार्षिक रपट में कहा है कि 1,000 रुपए के बंद हो चुके नोटों में से केवल 8.9 करोड़ नोट प्रणाली में वापस नहीं आए। यह चलन में रहे 1,000 रुपए के कुल नोटों का मात्र 1.3% है। रिजर्व बैंक ने बंद हो चुके वापस नहीं लौटे 500 रुपए के नोटों की कोई विशेष संख्या नहीं बताई है।

रिजर्व बैंक ने अपने बाकी पेज 10 पर नमूना सर्वेक्षण में पाया कि चलन में रहे प्रति दस लाख 500 रुपए के नोटों में से मात्र 7.1 नोट और प्रति दस लाख 1,000 रुपए के नोटों में से मात्र 19.1 नोट ही नकली पाए गए। केंद्रीय बैंक ने कहा कि 30 जून 2017 तक बंद हो चुके पुराने नोटों में से प्राप्त नोटों का अनुमानित मूल्य 15.28 लाख करोड़ रुपए है। भविष्य में सत्यापन जांच पूरी होने पर इसमें बदलाव हो सकता है। नोटबंदी के बाद पुराने नोटों को बैंकों में जमा करने की अनुमति दी गई थी। इस दौरान असामान्य प्रकार की जमाओं को आयकर विभाग जांच के दायरे में लिया गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि 2016-17 में उसकी आय 23.56% घट गई जबकि उसके व्यय में 107.84% की वृद्धि हुई है। बैंक ने कहा, जून में समाप्त उसके लेखा-वर्ष में उसकी कुल बचत (लाभ) 306.59 अरब रुपए रही। पिछले वर्ष बचत 658.76 अरब रुपए थी। इस तरह केंद्रीय बैंक की बचत में 53.46% गिरावट दिखी।

सरकार ने 500 रुपए के पुराने नोटों के स्थान पर इस मूल्य के नए नोट शुरू किए हैं, पर 1,000 रुपए का कोई नया नोट जारी नहीं किया गया है। सरकार ने इस क्रम में 2,000 रुपए का एक नया नोट शुरू किया है। रपट में केंद्रीय बैंक ने बताया कि 31 मार्च 2017 तक 500 रुपए के पुराने और नए नोट मिलाकर कुल 588.2 करोड़ नोट बाहर थे। 31 मार्च 2016 के अंत में चलन में 500 रुपए के नोटों की संख्या 1,570.7 करोड़ थी। मार्च 2017 के अंत तक 2,000 रुपए मूल्य के 328.5 करोड़ नोट चलन में आ चुके थे।केंद्रीय बैंक ने 500 और 2,000 रुपए के नए नोटों के अलावा पिछले हफ्ते 200 रुपए का नया नोट भी शुरू किया है। रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर आर गांधी ने कहा कि नोटबंदी का दीर्घकालिक प्रभाव होगा। नोटबंदी के बाद कई लोगों को उम्मीद थी कि ढेर सारे प्रतिबंधित नोट प्रणाली में नहीं लौटेंगे, लेकिन यह बात सही साबित नहीं हुई। रिजर्व बैंक ने कहा कि 15.28 लाख करोड़ रुपए मूल्य के पुराने प्रतिबंधित नोट उसके पास वापस आ चुके हैं।

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