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पुराने गहने बेचने और मरम्‍मत कराने पर भी लगेगा जीएसटी, जानिए कितना होगा टैक्‍स

पुराने गहनों को गलवाकर नए गहने बनवाना, पुराना सोना चांदी खरीदने की तरह ही होगा।
कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक स्तर पर नरमी के रुख के अलावा स्थानीय स्तर पर आभूषण एवं खुदरा मांग कमजोर रहने से सोने की कीमतें प्रभावित हुई हैं। (File Photo)

देश में 1 जुलाई से जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लागू हो गया है। इसके बाद देश में लगने वाले कई टैक्स खत्म कर दिए गए हैं। उन सभी की जगह सिर्फ एक टैक्स जीएसटी ही रह गया है। राजस्व सचिव डॉ हसमुख अधिया के मुताबिक सोने और चांदी के गहने आदि बेचने पर भी जीएसटी लगेगा। उन्होंने बताया कि पुराने गहने बेचने पर 3 फीसदी जीएसटी लगेगा। अधिया ने जीएसटी की मास्टर क्लास में बताया कि मान लीजिए में एक आभूषण बेचने वाला हूं और आप मेरे पास एक लाख रुपये का सोना या चांदी बेचते हैं तो आपसे 3,000 रुपये जीएसटी वसूल किया जाएगा। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि अगर पुराने गहने बेचकर नए गहने खरीदे जाते हैं तो पुराने गहनों पर लगने वाला 3 फीसदी जीएसटी उसमें एडजस्ट कर लिया जाएगा।

साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर कोई सुनार पुराने गहनों को ठीक करता है, तो ठीक करने के बदले लिए गए बिल पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर कोई सुनार के पास जाकर कहता है कि मेरे पुराने गहनों को लेकर इन्हें गला दीजिए और मुझे नए दे दीजिए, तो यह पुराना सोना चांदी खरीदने की तरह ही होगा।

आपको बता दें कि सरकार ने रेस्तरां को 5 फीसदी से लेकर 18 फीसदी के टैक्स स्लैब में रखा है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि रेस्तरां एसी है या नॉन एसी है। इसके अलावा रेस्तरां ने शराब बेचने का लाइसेंस ले रखा है या नहीं। टैक्स विभाग ने कहा है कि कोई भी रेस्तरां 28 फीसदी जीएसटी नहीं लगा सकता है। ऐसा ढाबा या रेस्तरां जिसका सालाना टर्नओवर 75 लाख रुपये से कम है वहां पर सिर्फ 5 फीसदी जीएसटी लागू किया गया है। ऐसा रेस्तरां जहां पर एसी की सुविधा नहीं है, शराब भी नहीं परोसी जाती है। वहां पर 12 फीसदी जीएसटी लागू किया गया है। ऐसे रेस्तरां जहां पर एसी की सुविधा है और शराब भी परोसी जाती है, या फिर दोनो में से कोई एक सुविधा है, वह 18 फीसदी जीएसटी के दायरे में हैं। रेस्तरां की तरफ से बेचे जाने वाले प्री पैक्ड और प्री कुक्ड नमकीन पर 12 फीसदी जीएसटी लागू किया गया है।

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