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‘डिजिटल भुगतान’ के तहत अब तक 10 लाख लोगों को 153 करोड़ के पुरस्कार

ग्राहकों के लिये ‘लक्की ग्राहक योजना’ और कारोबारियों के लिये ‘डिजि-धन व्यापार योजना।’
Author नई दिल्ली/इंदौर | February 21, 2017 16:06 pm
नीति आयोग। (पीटीआई फाइल फोटो)

देश में डिजिटल माध्यम से भुगतान को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई नीति आयोग की योजना के तहत अब तक 10 लाख उपभोक्ताओं और व्यावसायियों को 153.5 करोड़ रुपए के पुरस्कार दिये जा चुके हैं। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने मंगलवार (21 फरवरी) को यह जानकारी दी। नीति आयोग ने नकदी रहित भुगतान को बढ़ावा देने के लिये दो प्रोत्साहन योजनायें शुरू की हैं। ग्राहकों के लिये ‘लक्की ग्राहक योजना’ और कारोबारियों के लिये ‘डिजि-धन व्यापार योजना।’ ये योजनायें 58 दिन पहले शुरू की गईं।

कांत ने मंगलवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक करीब 10 लाख उपभोक्ताओं और व्यावसायियों को 20 फरवरी 2017 तक 153.5 करोड़ रुपए से अधिक राशि वितरित की गई।’ सरकार की इस योजना को एनपीसीआई चला रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी एक वक्तव्य के मुताबिक कुल 9.8 लाख पुरस्कार विजेताओं में 9.2 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं जबकि 56,000 कारोबारी हैं।

विजेताओं में विभिन्न सामाजिक-आर्थिक भूमिका के लोग शामिल हैं। इनमें किसान, व्यावसायी, छोटे उद्यमी, पेशेवर, गृहणियां, छात्र और सेवानिवृत लोग शामिल हैं। वक्तव्य के अनुसार महाराष्ट्र, तमिल नाडू, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और दिल्ली सबसे अधिक विजेताओं के साथ शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि ज्यादातर पुरस्कार विजेता 21 से 30 वर्ष की आयु के हैं। हालांकि, यह भी कहा गया है कि 60 वर्ष से अधिक आयु के भी काफी विजेता हैं। सरकार ने 25 दिसंबर को ये दोनों योजनायें शुरू की थीं और 14 अप्रैल तक योजनायें जारी रहेंगी।

कितने खातों में 2.5 लाख से ज्यादा के बंद नोट जमा हुए इसकी जानकारी नहीं : रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर अर्जी के जवाब में कहा है कि उसके पास इस बात की जानकारी उपलब्ध नहीं है कि गत आठ नवंबर से 30 दिसंबर तक देश के कुल कितने बैंक खातों में 2.5 लाख रुपए से ज्यादा की रकम 500 और 1,000 रुपए के बंद नोटों के रूप में जमा हुई। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने मंगलवार (21 फरवरी) को बताया कि रिजर्व बैंक के मुद्रा प्रबंध विभाग की ओर से उनकी आरटीआई अर्जी पर 17 फरवरी को इस आशय का जवाब दिया गया।

गौड़ ने रिजर्व बैंक से पूछा था कि आठ नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के बीच देश के अलग..अलग बैंकों के कुल कितने खातों में 2.50 लाख रुपए से ज्यादा मूल्य के विमु्िरदत नोट जमा हुए।  सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि उन्होंने आरटीआई के तहत रिजर्व बैंक से यह भी जानना चाहा था कि इस अवधि में विविध सहकारी बैंकों के कुल कितने खातों में 2.5 लाख से ज्यादा की रकम 500 और 1,000 रुपए के बंद नोटों की शक्ल में जमा हुई।

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