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राजधानी में फिलहाल प्याज के दाम घटने के आसार नहीं

तमाम सरकारी दावों के बावजूद दिल्ली में प्याज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यही हालत रही तो आने वाले दिनों में प्याज के दाम सौ रुपए किलो तक पहुंच सकते हैं। प्याज के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह केंद्र और राज्य सरकार में तालमेल की कमी है।
Author August 20, 2015 14:19 pm
प्याज के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह केंद्र और राज्य सरकार में तालमेल की कमीदिन के भीतर अफगानिस्तान से सिर्फ एक ट्रक प्याज आयात होकर दिल्ली आया है। इस व्यापारी ने बताया कि यदि दोनों सरकारों में तालमेल होता तो जो खरीद व्यापारी करने की सोच रहे हैं, वह सरकारें कर सकती थीं। दिल्ली के प्याज व्यापारियों का मानना है कि इस समय जो प्याज फुटकर बाजार में 60 रुपए किलो की दर से बिक रहा है, आगामी दिनों में उसकी कीमत 100 रुपए को छू सकती है।

तमाम सरकारी दावों के बावजूद दिल्ली में प्याज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यही हालत रही तो आने वाले दिनों में प्याज के दाम सौ रुपए किलो तक पहुंच सकते हैं। प्याज के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह केंद्र और राज्य सरकार में तालमेल की कमी है।

दिल्ली में प्याज की कमी होगी, इस बारे में राजधानी के प्याज व्यापारियों ने करीब पांच माह पहले अप्रैल में ही सूचित कर दिया था। लेकिन उस समय न तो दिल्ली सरकार चेती और न ही केंद्र की भाजपा सरकार। अब दिल्ली में प्याज की कीमतें लगातार बढ़ रहीं हैं तो केजरीवाल सरकार सिर्फ दिखावे के लिए चंद स्थानों के बाजार में सस्ती दरों पर प्याज बेचकर अपनी वाहवाही लेने में लगी है।

देश में प्याज की पैदावार कर्नाटक, महाराष्ट्र, और मध्य प्रदेश में होती है। कर्नाटक के करनूल, चिलारी, कौलाची और बेंगलुरुमें इस साल काफी कम बरसात हुई। इससे वहां पर प्याज की बुआई खराब होनी शुरू हो गई। उधर महाराष्ट्र के कोल्हापुर और नासिक में व मध्यप्रदेश के इंदौर में इस साल ज्यादा बरसात हुई। यहां पर ज्यादा बरसात की वजह से प्याज की तुड़ाई पर असर आ गया। व्यापारियों ने प्याज क ी कच्ची खेती की फसल को तोड़ना शुरू कर दिया। कच्ची फसल के प्याज के जल्द खराब होने की

वजह से यहां के व्यापारियों ने प्याज का स्टाक काफी कम किया। इसी तरह से कर्नाटक में प्याज का भंडारण करने वाले व्यापारियों को भी बेहतर फसल का प्याज नहीं मिला, तो उन्होंने भी प्याज काफी कम जमा किया। देश के ज्यादातर व्यापारियों ने प्याज के जल्द खराब होने के डर से प्याज को पाकिस्तान में कम कीमतों पर निर्यात करना शुरू कर दिया। इसी साल अप्रैल और मई माह में प्याज के रोजाना करीब 50 से 60 ट्रक पाकिस्तान गए। देश में प्याज का जो स्टाक दीपावली तक रहना था, वह निर्यात क ी वजह से लगातार कम होना शुरू हो गया।

दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी के थोक व्यापारी राजकुमार भाटिया के मुताबिक, उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को इस बाबत पत्र लिखकर प्याज के आगामी संकट के बारे में सूचित कर दिया था। दिल्ली में प्याज के बड़े आढ़ती राजेंद्र शर्मा के मुताबिक, प्याज के संकट के बारे में न तो केंद्र सरकार और न ही दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने कोई संजीदगी दिखाई।

उन्होंने बताया कि दोनों सरकारों को पता था कि देश से प्याज का स्टाक कम हो रहा है और ज्यादातार देश का प्याज निर्यात हो रहा है। इसके बावजूद सरकारों ने प्याज के निर्यात पर रोक क्यों नहीं लगाई। अगर प्याज के निर्यात पर इस साल अप्रैल और मई माह में रोक लग जाती तो दिल्ली समेत उत्तरी भारत में प्याज की कमी नहीं होती और प्याज के दाम लगातार नहीं बढ़ते। शर्मा के मुताबिक, दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार जो 30 रुपए किलो में प्याज बेच रही है, वह सिर्फ एक दिखावा है। केजरीवाल सरकार सिर्फ रोजाना 30 से 40 टन प्याज बेच रही है। उन्होंने कहा कि यह तो ऊंट के मुंह में जीरे की तरह है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में प्याज की खपत रोज 1200 सौ टन की है।

दिल्ली में प्याज के एक और बड़े व्यापारी सुरेश ने बताया कि एशिया की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी में बुधवार को करीब 80 ट्रक प्याज आया है। उन्होंने बताया कि इसमें 55 ट्रक राजस्थान से चार कोल्हापुर से, चार बेंगलुरु से, चार नासिक से और 14 ट्रक मध्यप्रदेश से आए। उन्होंने बताया कि जिस तरह देश में प्याज का स्टाक कम होता जा रहा है, उससे लग रहा है कि मंडी में प्याज की आवक लगातार कम होती रहेगी, और दिल्ली में प्याज के दाम और बढ़ने शुरू हो जाएंगे।

आजादपुर मंडी के एक और व्यापारी ने बताया कि दिल्ली के व्यापारी अफगानिस्तान से प्याज आयात करने के लिए तैयार हैं। लेकिन व्यापारियों को दोनों सरकारों में तालमेल नहीं होने की वजह से प्याज का स्टाक खराब होने का भय है। व्यापारी ने बताया कि अगर वे प्याज आयात कर लेते हैं और दोनो सरकारों में से कोई भी प्याज को लेकर कोई ऐसा फरमान जारी कर दे, जिससे उस व्यापारी की खरीद पर असर आ जाए, तो ऐसे में घाटे के खौफ से प्याज कौन आयात करेगा। इस व्यापारी ने बताया कि दिल्ली में पिछले 10 दिन के भीतर अफगानिस्तान से सिर्फ एक ट्रक प्याज आयात होकर दिल्ली आया है। इस व्यापारी ने बताया कि यदि दोनों सरकारों में तालमेल होता तो जो खरीद व्यापारी करने की सोच रहे हैं, वह सरकारें कर सकती थीं।

दिल्ली के प्याज व्यापारियों का मानना है कि इस समय जो प्याज फुटकर बाजार में 60 रुपए किलो की दर से बिक रहा है, आगामी दिनों में उसकी कीमत 100 रुपए को छू सकती है।

गाले टेस्ट के बारे में विराट ने कहा कि पिछले मैच में हमारी बल्लेबाजी दूसरी पारी में काफी खराब रही। लेकिन फिलहाल मैं मैच में किसी एक विभाग को लेकर चिंतित नहीं हूं। हमारे खिलाड़ियों को विश्वास है कि वे अगले मैच में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे। इस बात को बताना कठिन होता है कि इतने करीब पहुंचकर हम क्यों हार गये। लेकिन अगले मैच को लेकर हमें खुद पर विश्वास है और हम पूरी आक्रामकता के साथ खेलेंगे।

नरेंद्र भंडारी

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