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Union Budget 2017: अरुण जेटली ने जारी रखी ‘परंपरा’, इस बार भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए पढ़ा शेर

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक फरवरी को आम और रेलवे बजट पेश किया।
वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक फरवरी को आम और रेलवे बजट पेश किया। बजट पेश करने के दौरान शुरुआत में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए शायरी भी पढ़ी। ऐसा नहीं है कि यह चलन बीजेपी ने ही चलाया। कांग्रेस के वक्त में वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम भी शेर पढ़ते थे। उन्हें अपने बजट भाषण में कवि थ्रिलुवर की कविता पढ़ी थी। वह उनके पंसदीदा कवि हैं। 2017-18 के बजट भाषण में अरुण जेटली द्वारा पढ़ा गया शेर यह रहा –

‘इस मोड पर ना घबरा कर थम जाइए आप,
जो बात नई है उसे अपनाइए आप,
डरते हैं नई राह पर क्यों चलने से,
हम आगे-आगे चलते हैं आइए आप।’

इससे पहले 2016-17 वाले बजट भाषण के दौरान अरुण जेटली ने कहा था, ‘कश्ती चलाने वालों ने जब हार के दी पतवार हमें, लहरें-लहर तूफान मिले और मौजमौज मझदार हमें, फिर भी दिखाया है हमने और फिर ये दिखा देंगे सबको इन हालात में भी आता है दरिया करना पार हमको।’

इससे पहले 2015-16 के बजट के दौरान भी अरुण जेटली ने शेर पढ़ा था। तब उन्होंने कहा था, ‘कुछ तो फूल खिलाए हमने, और कुछ फूल खिलाने हैं, मुश्किल यह है कि बाग में अबतक, कांटे कई पुराने हैं।’

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  1. S
    Sidheswar Misra
    Feb 1, 2017 at 9:53 am
    राजा वशुरी बजाता रहा ,जनता रोती रही . राग दरबारी के कहा ,जनता वाह वाह कर रही
    Reply
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