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1 फ़रवरी जनवरी, 6 बजे न्यूज अपडेट: जेटली ने पेश किया बजट, राजनीतिक दलों को ₹2000 से ज़्यादा चंदा नहीं

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को ग्रामीण भारत पर विशेष जोर देने की बात की और कहा कि अगले 5 सालों में किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी।
Author नई दिल्ली | February 1, 2017 17:57 pm
संसद में आम बजट 2017 पेश करते केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली। (PTI Photo/TV Grab/1 Feb, 2017)

राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे पर नकेल, एक व्यक्ति से ₹2000 से ज़्यादा नहीं ले सकते कैश

राजनीतिक दलों के वित्त पोषण एवं चंदे में पारदर्शिता लाने की पहल के तहत केंद्रीय बजट में प्रस्ताव किया गया है कि राजनीतिक पार्टियां एक व्यक्ति से 2000 रुपए से अधिक नगद चंदा नहीं ले सकती लेकिन वे दानदाताओं से चेक या डिजिटल माध्यम से चंदा प्राप्त कर सकती हैं और इसके लिये चुनाव बांड भी जारी किये जायेंगे। राजनीतिक दलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्यत: आय कर रिटर्न भरना होगा। केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार (1 फरवरी) को संसद में आम बजट 2017-18 प्रस्तुत करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा चंदा लेने में सुविधा के लिए बैंक चुनावी बांड जारी किये जायेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि राजनीतिक दल एक व्यक्ति से अधिकतम दो हजार रुपए का नगद चंदा ले सकते हैं। राजनीतिक दलों की वित्त पोषण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के कदमों के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री ने प्रस्ताव किया कि राजनीतिक दलों को चंदा लेने में सुविधा के लिए बैंक चुनावी बांड जारी करेंगे। (यहां पढ़ें पूरी ख़बर)

यूनियन बजट 2017: गांवों के विकास पर जोर, किसानों की आय होगी दोगुनी

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को ग्रामीण भारत पर विशेष जोर देने की बात की और कहा कि अगले 5 सालों में किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में किसानों को 10 लाख करोड़ रुपये ऋण के रूप में दिए जाएंगे, जिसपर 60 दिनों तक कोई ब्याज नहीं चुकाना होगा। वित्त मंत्री ने संसद में आम बजट पेश करते हुए कहा कि नाबार्ड के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों के लिए अगले तीन सालों में 1900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। किसानों को कृषि उत्पादों की सफाई और पैकेजिंग के लिए 75 लाख रुपये दिए जाएंगे। दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए डेयरी प्रोसेसिंग इंफ्रा फंड की स्थापना की जाएगी। (यहां पढ़ें पूरी ख़बर)

यूनियन बजट 2017: हादसे रोकने के लिए रेलवे को मिलेगा ₹1 लाख करोड़ का स्पेशल सुरक्षा कोष, सफ़ाई पर भी ज़ोर

रेल क्षेत्र में हाल के समय में कई हादसे हुए हैं। इसी के मद्देनजर सरकार ने बजट 2017-18 में रेलवे के लिए एक लाख करोड़ रुपए के विशेष सुरक्षा कोष की स्थापना का प्रस्ताव किया है। इसके तहत ट्रैक और सिग्नल प्रणाली का उन्नयन किया जाएगा और मानवरहित क्रॉसिंग को समाप्त किया जाएगा। इस बार रेल बजट को आम बजट में मिला दिया गया है। इसमें 3,500 किलोमीटर की नई लाइनें चालू करने का भी प्रस्ताव है। 2016-17 के लिए यह लक्ष्य 2,800 किलोमीटर का है। रेलवे को नए वित्त वर्ष में बजट से सकल 55,000 करोड़ रुपए की सहायता मिलेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अगले वित्त वर्ष के लिए रेलवे का योजना आकार 1,31,000 करोड़ रुपए रखने का प्रस्ताव किया है। चालू वित्त वर्ष के लिए यह 1,21,000 करोड़ रुपए है। (यहां पढ़ें पूरी ख़बर)

पाकिस्तान और चीन से खतरे के बावजूद अरुण जेटली ने 1 प्रतिशत कम कर दिया रक्षा बजट

इन दिनों जहां सभी देश अपनी-अपनी ताकत बढ़ाने में जुटे हैं, वहीं भारत ने 2017-18 में रक्षा बजट में कटौती की है। पिछले वित्त वर्ष (2016-17) में भारत का रक्षा बजट यूं तो  2,49000 करोड़ था, जो इस साल 2,74000 करोड़ हो गया। 2016-17 का आम बजट 19,78,060 करोड़ रुपये का था, जबकि इस साल का कुल बजट 21.47 करोड़ रुपये का है, जिसमें रेल बजट भी शामिल है। लेकिन अगर आंकड़ों की बात करें तो जहां 2016-17 में 1 रुपये में से 10 पैसे रक्षा मंत्रालय के लिए रखे गए थे, वहीं इस साल के बजट में कुल 9 पैसे ही रक्षा के लिए तय हो पाए हैं। (यहां पढ़ें पूरी ख़बर)

बजट 2017: अरुण जेटली ने पेश किया बजट, जानिए बजट की मुख्य बातें

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