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धर्म का मर्म समझने वाले ही इसे पढ़ें…सोनू नि‍गम की बात का बतंगड़ बनाने वाले नहीं पढ़ें

गायक सोनू निगम ने मस्जिद-मंदिर इत्यादि में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की तो इस पर बहस छिड़ गयी।
Author April 20, 2017 15:28 pm

मुझे पता है तुम अपना धर्म, अपनी पहचान मुझपर थोपते हो
मुझे पता है तुम्हारी दानवीरता का मतलब
ये अक्सर मंगलवार को सरकारी सड़कों पर लगने वाली माता की चौकी क्या है
मुझे पता है तुम मुझे चिढ़ाते हो, तुम मुझे उकसाते हो
धर्म का लबादा ओढ़कर, मुझे अपनी हैसियत बताते हो
सड़क घेरकर, ट्रैफिक रोककर भव्य पंडाल लगाते हो
जितना बड़ा पंडाल, उतना ही बड़ा तुम्हारा आभामंडल
कोई पूछ भी नहीं सकता कि तुमने सड़क क्यों रोक दी
‘अरे मूर्ख, महापापी, देखते नहीं जागरण हो रहा है’
‘धर्म के नाम पर इतना भी नहीं बर्दाश्त कर सकते’

गर्मी से बिलबिलाते ट्रैफिक के बीच
कूलर की ठंडी हवा में शुरू होता है तुम्हारा जागरण
नहीं तो गर्मी का मौसम है
पंडित और पूजारी के लिए एसी चाहिए
बोलो…माता रानी की जय…
ये जय का उदघोष दिग दिगांतर तक गूंज जाता है
और ध्वनि की तीव्रता मापने वाली ईकाई डेस्बिल की बाप-भाई हो जाती है
डीजे से निकले जयकारे की ऊर्जा से एक क्षण के सौवें हिस्से के लिए मेरे दिल की धड़कन हैंग हो जाती है
लेकिन सिस्टम ऑटो रिस्टार्ट मारता है और मैं फिर से जिंदगी की लय पकड़ लेता हूं
तब तक तुम उसी ध्वनि प्रसारक यंत्र से पूजा की समाप्ति और भंडारे की उदघोषणा कर देते हो
सहसा चारों ओर हर्ष का वातावरण बन जाता है
पसीने में नहाया शरीर
मोटी-मोटी पूरियां, आलू ब्वॉयल कर बनाई गई सब्जी और घी में चुपड़े सूजी की कल्पना में खो जाता है
ट्रैफिक में फंसे व्यक्ति के लिए यहीं तो है तुम्हारे पूजा का सार
चलो आज रात का पुण्य इसी पंडाल में लूट लिया जाए
और तुम, हे महाप्रभु, पुण्य लुटाते हो, जनता लूटती है
तुम्हें अथाह संतोष होता है जब तुम हजार-पांच सौ भूखों का पेट भर देते हो
मुफ़्त का भंडारा खिलाकर मुझे अपना कृतज्ञ बनाते हो
और इंसान से भगवान बनने की कतार में खुद को भी खड़ा कर लेते हो।

वीडियो: सोनू निगम के 'आजान' पर किए ट्वीट से हम क्यों सहमत नहीं हैं?

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