January 16, 2017

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तेज बहादुर यादव जी, BSF नरेंद्र मोदी सरकार की राह पर ही है, शुक्र मनाइए आपको ‘देशद्रोही’ नहीं घोषित किया गया

भारतीय सीमासुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान तेज बहादुर यादव का आरोप है कि खराब खाना दिए जाने की शिकायत करने के बाद उन्हें प्लंबर का काम दे दिया गया है।

Author January 11, 2017 16:24 pm
बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव (Source: Facebook)

भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान तेज बहादुर यादव के अनुसार खराब खाना दिए जाने की शिकायत करने के बाद उन्हें सीमा से हटाकर प्लंबर का काम दे दिया गया है। बीएसएफ ने इस मामले पर जिस तरह की प्रतिक्रिया दी है वो आश्चर्यजनक रूप से काफी हद तक वैसी ही है जैसी नरेंद्र मोदी सरकार की “आलोचना की आवाज” उठाने वालों के खिलाफ होती है। तेज बहादुर यादव को बीएसएफ और केंद्र सरकार का शुक्रगुजार होना चाहिए कि उन्हें “देशद्रोही” नहीं घोषित किया गया। पिछले कुछ समय से देश में जिस किसी ने किसी भी मामले में “खाना खराबी” की शिकायत की है उसे केंद्र में सत्ताधारी पार्टी और उसके समर्थकों ने “देशद्रोही” घोषित कर दिया है। मसलन नोटबंदी, महंगाई, कश्मीर में जवानों और नागरिकों की मौत के बढ़ते आंकड़े।

तेज बहादुर का वीडियो वायरल होने के बाद बीएसएफ की पहली  प्रतिक्रिया आई कि “प्राथमिक जांच” में सब कुछ ठीक पाया गया है। “अच्छे दिनों” में भला किसे उम्मीद रही होगी कि प्राथमिक जांच में रोटी को जला हुआ और दाल को पानी में डूबा हुआ पाया गया? नोटबंदी के बाद करीब 100 लोगों की जान जाने, कइयों की शादियां टूटने, कई क्षेत्रों में लोगों के रोजगार जाने, कारोबार बंद होेने की तमाम शिकायतों पर मोदी सरकार की “प्राथमिक जांच” में सब कुछ ठीक पाया गया।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने जवान की शिकायत पर बीएसएफ से “रिपोर्ट” मांगी है और “उचित कार्रवाई” का आदेश दिया है। तेज बहादुर को अगर सचमुच ही उन्हें सीमा पर स्थित ट्रांजिट पोस्ट से हटाकर बीएसएफ मुख्यालय में प्लंबर (नल-टोटी ठीक करने का काम) के तौर पर भेज दिया गया है तो गृह मंत्री के आदेश पर की गयी सबसे तेज “उचित कार्रवाई” मानना चाहिए। मोदी सरकार का भी कहना है कि उसने काले धन पर “उचित कार्रवाई” करते हुए ही नोटबंदी लागू की है।

देखें बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव द्वारा शेयर किया गया वीडियो:

“खाना खराबी” की शिकायत करने पर “उचित कार्रवाई” के साथ ही बीएसएफ ने तेज बहादुर के “चरित्र पर सवाल” भी उठा दिया। कुछ वैसे ही जैसे पीएम नरेंद्र मोदी नोटबंदी की आलोचकों को इशारों में “भ्रष्टाचारी” और “एंटी-नेशनल” बताते हैं। बीएएफ ने तेज बहादुर के ऊपर जो आरोप लगाए हैं उनमें शराब पीकर गालीगलौज करने का भी आरोप है। सैनिक, शराब और गालीगलौज? बीएसएफ ने ये भी बताया कि तेज बहादुर ने ड्यूटी पर देर से आने और अधिकारियों की “आज्ञा” के विपरीत काम करने का भी अपराध किया है जिसके लिए सात दिन की जेल की भी सजा हो चुकी है। अब भला तेज बहादुर कोई सांसद या मंत्री तो हैं नहीं जो संसद के पूरे सत्र में गायब रहकर भी गुनाहगार न माने जाएं। तेज बहादुर कोई राजनेता या सांसद तो हैं नहीं जो डी राजा की तरह जेल जाकर या बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह की तड़ीपार होकर या सुरेश कलमाड़ी की तरह भ्रष्टाचार का आरोपी होकर या विजय माल्या की तरह हजारों करोड़ कर्जा लेकर फरार होने जाने के बाद भी “देश का विकास” करते रहें। ये अलग बात है कि तेज बहादुर के अनुसार उन्हें गोल्ड मेडल समेत 16 पदक मिल चुके हैं। तेज बहादुर ने ये भी माना कि उनसे नौकरी में कुछ गलतियां हुई हैं लेकिन वो उनमें सुधार कर चुके हैं।

देखें तेज बहादुर यादव द्वारा शेयर किया गया खाने का वीडियो:

बीएसएफ ने तेज बहादुर की शिकायत पर ये भी कहा कि कि “इस तरह की पोस्ट” में अच्‍छी सुविधाएं नहीं होती हैं क्‍योंकि ये अस्‍थायी तौर पर बनाई जाती हैं। नोटबंदी पर जितने भी सवाल उठाए गए उन पर पीएम मोदी और उनके सभी मंत्री यही कहते हैं कि “इस तरह के फैसलों” से ऐसी दिक्कतें होती हैं।  बीएसएफ अधिकारियों ने ये भी कहा कि तेज बहादुर जहां पर तैनात थे वह बीएसएफ की ट्रांजिंट पोस्‍ट है जिसका ऑपरेशनल कंट्रोल सेना के पास है और वहीं राशन मुहैया कराती है। जाहिर है बीएएफ ने जली रोटी और पानी दाल की “जवाहदेही” किसी और पर टाल दी है! कुछ उसी तरह जैसे मोदी सरकार नोटबंदी के लिए आरबीआई को जवाबदेह बता रही है और आरबीआई कह रहा है कि हमसे तो सरकार ने कहा।

देखें तेज बहादुर यादव द्वारा शेयर किया गया जली रोटी का वीडियो:

बीएसएफ ने तेज बहादुर के वीडियो में बड़े अफसरों लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि हालांकि मामले में अन्य लोगों के अलावा रसोइए से पूछताछ की जाएगी। कुछ दिन बाद ऐसी खबर आई कि “खाना खराब” होने के लिए बड़े अफसर नहीं “रसोइया” था जिम्मेदार। आपको याद ही होगा कि जब पेट्रोलियम मंत्रालय में गोपनीय कागजात लीक होने का मामला सामने आया तो मुख्य आरोपी “चपरासियों” को पाया गया। दिल्ली पुलिस ने मामले में आरोपी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का दफ्तार पर छापा मारा था लेकिन उसे किसी बड़े अधिकारी की मिलीभगत का सबूत नहीं मिला।

देखें तेज बहादुर यादव द्वारा शेयर किया गया पानी दाल का वीडियो:

तेज बहादुर यादव ने वीडियो में जो कहा है उसे आप एक बार फिर पढ़िए और सोचिए कि क्या वो उनकी अपील पूरे देश की खाना खराबी की प्रतीक नहीं लगती? तेज बहादुर ने कहा है, ‘देशवासियों मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहता हूं। हम लोग सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक, लगातार 11 घंटे इस बर्फ में खड़े होकर ड्यूटी करते हैं। कितना भी बर्फ हो, बारिश हो, तूफान हो, इन्‍हीं हालातों में हम ड्यूटी कर रहे हैं। फोटो में हम आपको बहुत अच्‍छे लग रहे होंगे मगर हमारी क्‍या सिचुएशन हैं, ये न मीडिया दिखाता है, न मिनिस्‍टर सुनता है। कोई भी सरकार आईं, हमारे हालात वहीं हैं। मैं इस के बाद तीन वीडियो भेजूंगा जिसको मैं चाहता हूं कि आप दिखाएं कि हमारे अधिकारी हमारे साथ कितना अत्‍याचार व अन्‍याय करते हैं। हम किसी सरकार के खिलाफ आरोप नहीं लगाना चाहते। क्‍योंकि सरकार हर चीज, हर सामान हमको देती है। मगर उच्‍च अधिकारी सब बेचकर खा जाते हैं, हमारे को कुछ नहीं मिलता। इसकी जांच होनी चाहिए।”

वीडियो में तेज बहादुर ने पीएम नरेंद्र मोदी से अपील की है कि ”मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि इसकी जांच कराएं। दोस्‍तों यह वीडियो डालने के बाद शायद मैं रहूं या न रहूं। अधिकारियों के बहुत बड़े हाथ हैं। वो मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं, कुछ भी हो सकता है।” पीएम मोदी तेज बहादुर की कितनी और कब सुनेंगे पता नहीं लेकिन मैं उनसे कहना चाहता हूं कि तेज बहादुर यादव जी, बीएएफ मोदी सरकार की राह पर ही है, शुक्र मनाइए आपको देशद्रोही नहीं घोषित किया गया।

वीडियो: BSF जवान ने कहा- “उच्च अधिकारी सब बेचकर खा जाते हैं, पीएम मोदी जांच कराएं”

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First Published on January 11, 2017 12:59 pm

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