ताज़ा खबर
 

रोहित सरदाना ने रवीश कुमार को लिखा जवाबी खत, पूछा- राडिया टेप्‍स पर बरखा दत्‍त को लिखा था लेटर?

जी न्‍यूज के पत्रकार रोहित ने लिखा, ''...सर लेकिन बहुत ढूंढने पर भी मैं आपकी वरिष्ठ और बेहद पुरानी सहयोगी बरखा दत्त के नाम की खुली चिट्ठी नहीं ढूंढ पाया, जिसमें आपने पूछा होता कि नीरा राडिया के टेप्स में मंत्रियों से काम करा देने की गारंटी लेना अगर दलाली है – तो क्या आपको दलाल कहे जाने के लिए वो ज़िम्मेदारी लेंगी ?''
Author नई दिल्‍ली | July 7, 2016 14:02 pm
रवीश ने एमजे अकबर को ओपन लेटर लिखकर उनसे पूछा था कि पत्रकार से राजनेता बनकर उन्‍हें कैसा लगता है? इसके अलावा, ये सवाल भी उठाया था कि वे पत्रकार और राजनेता के कामकाज में कैसे सामंजस्‍य बि‍ठाते हैं?

सीनियर जर्नलिस्‍ट रवीश कुमार की ओर से बीजेपी में मंत्री बनाए गए पूर्व पत्रकार एमजे अकबर को लिखे गए लेटर पर जी न्‍यूज के पत्रकार रोहित सरदाना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरदाना ने रवीश से पूछा है कि क्‍या उन्‍होंने पत्रकार बरखा दत्‍त को भी राडिया टेप्‍स को लेकर ऐसा ही ओपन लेटर लिखा था? बता दें कि बरखा दत्‍त भी रवीश कुमार की तरह एनडीटीवी न्‍यूज चैनल से जुड़ीं सीनियर जर्नलिस्‍ट हैं। दरअसल, रवीश ने एमजे अकबर को ओपन लेटर लिखकर उनसे पूछा था कि पत्रकार से राजनेता बनकर उन्‍हें कैसा लगता है? इसके अलावा, ये सवाल भी उठाया था कि वे पत्रकार और राजनेता के कामकाज में कैसे सामंजस्‍य बि‍ठाते हैं? रवीश ने इस ओपन लेटर में इशारों ही इशारों में अकबर पर तीखा कटाक्ष किया था। सरदाना ने उसका ही जवाब देने की कोशिश की है।

 

READ ALSO: पत्रकार रवीश कुमार ने एमजे अकबर को लिखा खुला खत, पूछा- क्‍या कभी खुदा का खौफ होता था

ravish kumar, mj akbar, ravis kumar open letter, ravish kumar blog, akbar, cabinet reshuffle, troll, ravish kumar news रवीश ने अकबर को बीजेपी प्रवक्‍ता से मंत्री बनाए जाने की बधाई दी।

नीचे पढ़ें, रोहित सरदाना का पूरा लेटर

आदरणीय रविश कुमार जी
नमस्कार.
सर, ट्विटर, फेसबुक, ब्लॉग, फेस टाइम के दौर में आपने चिट्ठी लिखने की परंपरा को ज़िंदा रखा है उसके लिए आप बधाई के पात्र हैं. हो सकता है कि चिट्ठियां लिखने की वजह ये भी हो कि ट्विटर, फेसबुक पे लोग जवाब दे देते हैं और चिट्ठी का जवाब मिलने की उम्मीद न के बराबर रहती है, इस लिए चिट्ठी लिखने का हौसला बढ़ जाता हो. पर हमेशा की तरह एक बार फिर, आपने कम से कम मुझे तो प्रेरित किया ही है कि एक चिट्ठी मैं भी लिखूं – इस बात से बेपरवाह हो कर – कि इसका जवाब आएगा या नहीं.

ये चिट्ठी लिखने के पहले मैंने आपकी लिखी बहुत सी चिट्ठियां पढ़ीं. अभी अभी बिलकुल. इंटरनेट पर ढूंढ कर. एनडीटीवी की वेबसाइट पर जा कर. आपके ब्लॉग को खंगाल कर. एम जे अकबर को लिखी आपकी हालिया चिट्ठी देखी. पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी देखी. मुख्यमंत्रियों के नाम आपकी चिट्ठी देखी. विजय माल्या के नाम की चिट्ठी देखी. पुलिस वालों के नाम भी आपकी चिट्ठी देखी.

सर लेकिन बहुत ढूंढने पर भी मैं आपकी वरिष्ठ और बेहद पुरानी सहयोगी बरखा दत्त के नाम की खुली चिट्ठी नहीं ढूंढ पाया, जिसमें आपने पूछा होता कि नीरा राडिया के टेप्स में मंत्रियों से काम करा देने की गारंटी लेना अगर दलाली है – तो क्या आपको दलाल कहे जाने के लिए वो ज़िम्मेदारी लेंगी ?

CmIHqK6UgAEyl5g बरखा दत्‍त के साथ रवीश कुमार।

बहुत तलाशने के बाद भी मैं आपके किसी ठिकाने पर वरिष्ठ पत्रकार और संपादक रहे आशुतोष जी (जो अब आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं) के नाम आपकी कोई खुली चिट्ठी नहीं ढूंढ पाया, जिसमें आपने पूछा होता कि साल-डेढ़ साल तक स्टूडियो में हॉट-सीट पर बैठ कर , अन्ना के पक्ष में किताब लिखना और फिर उस मेहनत कूपन को पार्टी प्रवक्ता की कुर्सी के बदले रिडीम करा लेना अगर दलाली है – तो क्या आपको दलाल कहे जाने के लिए वो ज़िम्मेदारी लेंगे?

सर मैंने बहुत ढूंढा, लेकिन मैं आपके पत्रों में आशीष खेतान के नाम कोई चिट्ठी नहीं ढूढ पाया, जिसमें आपने पूछा होता कि सवालों में घिरे कई स्टिंग ऑपरेशनों, प्रशांत भूषण जी के बताए पक्षपातपूर्ण टू जी रिपोर्ताजों के बीच निष्पक्ष होने का दावा करते अचानक एक पार्टी का प्रवक्ता हो जाना अगर दलाली है – तो क्या वो आपको दलाल कहे जाने की ज़िम्मेदारी शेयर करेंगे ?

सर मैं अब भी ढूंढ रहा हूं. लेकिन राजदीप सरदेसाई के नाम आपका कोई पत्र मिल ही नहीं रहा. जिसमें आपने पूछा हो कि 14 साल तक एक ही घटना की एक ही तरफ़ा रिपोर्टिंग और उस घटना के दौरान आए एक पुलिस अफसर की मदद के लिए अदालत की तल्ख टिप्पणियों के बावजूद, वो हाल ही में टीवी चैनल के संपादक होते हुए गोवा में आम आदमी पार्टी की रैली में जिस तरह माहौल टटोल रहे थे, अगर वो दलाली है, तो क्या राजदीप जी आपको दलाल कहे जाने की ज़िम्मेदारी लेंगे?

सर मैंने बहुत तलाशा. लेकिन मैं उन सब पत्रकार (पढ़ें रिपोर्टर) दोस्तों के नाम आपकी कोई चिट्ठी नही ढूंढ पाया, जिन्हें दिल्ली सरकार ने ईनाम के तौर पर कॉलेजों की कमेटियों का सम्मानित सदस्य बना दिया. सर जब लोग आ कर कहते हैं कि आपका फलां साथी रसूख वाला है, उससे कह के दिल्ली के कॉलेज में बच्चे का एडमिशन करा दीजिए. आपका मन नहीं करता उनमें से किसी से पूछने का कि क्या वो आपको दलाल कहे जाने की ज़िम्मेदारी आपके साथ बांटेंगे ?

पत्रकारों का राजनीति में जाना कोई नई बात नहीं है. आप ही की चिट्ठियों को पढ़ के ये बात याद आई. लेकिन पत्रकारों का पत्रकार रहते हुए एक्टिविस्ट हो जाना, और एक्टिविस्ट होते हुए पार्टी के लिए बिछ जाना – ये अन्ना आंदोलन के बाद से ही देखा. लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ़ थी. मैं भी जाता था अपनी 3 साल की बेटी को कंधे पर ले कर. मैं भीड़ में था. आप मंच पर थे. तब लगा था कि क्रांतिकारी पत्रकार ऐसे होते हैं. लेकिन फिर इंटरव्यू में किरण बेदी को दौड़ाते और अरविंद केजरीवाल को सहलाते आपको देखा तो उसी मंच से दिए आपके भाषण याद आ गए.

रोहित सरदाना। रोहित सरदाना।

क्रांतिकारी से याद आया, आपकी चिट्ठियों में प्रसून बाजपेयी जी के नाम भी कोई पत्र नहीं ढूंढ पाया. जिसमें आपने पूछ दिया हो कि इंटरव्यू का कौन सा हिस्सा चलाना है, कौन सा नहीं, ये इंटरव्यू देने वाले से ही मिल के तय करना अगर दलाली है – तो क्या वो आपको दलाल कहे जाने की ज़िम्मेदारी लेंगे ?

सर गाली तो लोग मुझे भी देते हैं. वही सब जो आपको देते हैं. बल्कि मुझे तो राष्ट्रवादी भी ऐसे कहा जाता है कि जैसे राष्ट्रवादी होना गाली ही हो. और सर साथ साथ आपसे सीखने की नसीहत भी दे जाते हैं. पर क्या सीखूं आपसे ? आदर्शवादी ब्लॉग लिखने के साथ साथ काले धन की जांच के दायरे में फंसे चैनल की मार्केटिंग करना ?

सर कभी आपका मन नहीं किया आप प्रणय रॉय जी को एक खुली चिट्ठी लिखें. उनसे पूछें कि तमाम पारिवारिक-राजनीतिक गठजोड़ (इसे रिश्तेदारी भी पढ़ सकते हैं) के बीच – आतंकियों की पैरवी करने की वजह से, देश के टुकड़े करने के नारे लगाने वालों की वकालत करने की वजह से, लगभग हर उस चीज़ की पैरवी करने की वजह से जो देश के बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं को आहत करती हो – अगर लोग आपको दलाल कहने लगे हैं तो क्या वो इसकी ज़िम्मेदारी लेंगे ?

उम्मीद करता हूं आप मेरे पत्र को अन्यथा नहीं लेंगे. वैसे भी आपकी चिट्ठी की तरह सारे सोशल मीडिया ब्लॉग्स और अखबार मेरे लिखे को हाथों हाथ नहीं लेंगे. लेकिन आपकी राजनीतिक/गैर राजनीतिक सेनाएं इस चिट्ठी के बाद मेरा जीना हराम कर देंगी ये मैं जानता हूं. जिन लोगों का ज़िक्र मेरी चिट्ठी में आया है – वो शायद कभी किसी संस्थान में दोबारा नौकरी भी न पाने दें. पर सर मैं ट्विटर से फिर भी भागूंगा नहीं. न ही आपको ब्लॉक कर दूंगा (मुझे आज ही पता लगा कि आपने मुझे ब्लॉक किया हुआ है, जबकि मेरे आपके बीच ये पहला संवाद है, न ही मैंने कभी आपके लिए कोई ट्वीट किया, नामालूम ये कड़वाहट आपमें क्यों आई होगी, खैर).

सर आप भगवान में नहीं मानते शायद, मैं मानता हूं. और उसी से डरता भी हूं. उसी के डर से मैंने आप जैसे कई बड़े लोगों को देखने के बाद अपने आप को पत्रकार लिखना बंद कर दिया था, मीडियाकर्मी लिखने लगा. बहुत से लोग मिलते हैं जो कहते हैं पहले रवीश बहुत अच्छा लगता था, अब वो भी अपने टीवी की तरह बीमार हो गया है. शायद आप को भी मिलते हों. वो सब संघी या बीजेपी के एजेंट या दलाल नहीं होते होंगे सर. तो सबको चिट्ठियां लिखने के साथ साथ एक बार अपनी नीयत भी टटोल लेनी चाहिए, क्या जाने वो लोग सही ही कहते हों?
आपका अनुज
रोहित

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. C
    chacha
    Oct 6, 2017 at 1:53 pm
    मानता हु की Rohit सरदाना, अर्णाभ जैसे लोग सवा सौ करोड़ लोगो को बेवक़ूफ़ बनाने से पहले कुछ भी नहीं सोचते, और ८० बना भी लेते हैं, पर जो समझ रखते हैं वह इनको कैसे देखते होंगे अगर ये imagin कर पाए तो शर्म से पानी पानी हो जाए !!! यार बहोत से ियों का हीरो बनना अच्छा है या कुछ नार् लोग का प्रीय ?? यह सवाल अपने आप से पूछो !!! चलता तो बहुत कुछ है चलने में क्या , चलती तो फटी हुई जीन्स भी है तो क्या उसका क्लास फ्रेश के ऊपर हो जाना उससे कहीं ज़ादा कॉस्टली हो जाना ये सी एक बीमारी है आओर यह बीमारी सिर्फ अपने देश की नहीं बल्कि यह पूरे मानव जाति की बीमारी है !! कृपया करके अपना इलाज करे ! और इस तरह की बीमारी से दूर रहे यह आप को पीछे की ओर ले जाएगी !!!
    (0)(0)
    Reply
    1. C
      chacha
      Oct 6, 2017 at 1:56 pm
      बहोत से iyo का हीरो या कुछ normal लोग
      (0)(0)
      Reply
    2. C
      chacha
      Oct 6, 2017 at 1:35 pm
      रोहित सारदाना आप जैसे लोग सिर्फ यह बताते हुए टीवी पर अच्छे लगते हो की २००० के नोट में चिप है ! :) कपिल शर्मा, राजू etc हास्य कलाकार abhi yahan tak nahi pahochey hain...
      (0)(0)
      Reply
      1. C
        chacha
        Oct 6, 2017 at 1:29 pm
        बेटा रोहित सरदाना आप झूठे तो हो ये तो सब को पता था, पर आप इतने बड़े नकलची हो ये आप ने सिद्ध कर दिया ! लेटर लिखना तो सबको आता है पर उसकी लेखनी .... तुमसे न हो पाएगा बेटा !!!
        (0)(0)
        Reply
        1. M
          mukesh
          May 22, 2017 at 9:19 pm
          प्लीज मेरी मदद करो 8684918739 9468017872 भारत देश में 150 करोड़ के आस पास लोग रहते है मेरी मदद कोई भी नही करता है क्यों इसमें सब आ लिए है एक किसान से लेकर प्रधानमंत्री तक सब लेकिन किसी ने भी ये नही कहा की देश की चार समस्या पानी , सुरक्षा , बेरोजगारी ,पढ़ाई है इनको मै ख़त्म करूँगा क्यों नही कहते लोग क्या ये इतना मुश्किल काम है की ये नही हो सकता है चलो मै हरियाणा के रालियावास गाँव का रहने वाला हू मै ये काम करने को तेयार हु 30 करोड़ लोगो को रोजगार मै दूंगा भारत देश में एक परिवार ऐसा नही बचेगा जिसका बेटा या बेटी स्कूल नही जाते हो और एक एक लोगो की सुरक्षा इनकी गारेंटी मै देता हु लेकिन मेरी मदद कोई भी नही कर रहा है प्रधानमंत्री भी नही क्युकी मेने उनको पत्र लिखा था लेकिन कोई जवाब नही अगर इस काम प्रधानमंत्री जी कहते तो टीवी वाले इसको दिखाते मेरी बात को नही क्युकी मै गरीब हु मै सारी दुनिया के सामने ये जिम्मेदारी लेने को तेयार हु इस काम को करना मेरी मज़बूरी है क्युकी मेरी मदद करो
          (0)(0)
          Reply
          1. M
            mukesh
            May 22, 2017 at 9:15 pm
            रविश कुमार जी हमारी मदद करो हमे मरने से पहले इन चारो समस्याओं को 10 साल में ख़त्म करना है क्युकी एक प्रधानमंत्री इस काम को कर सकता है 0868491873 9468017872
            (0)(0)
            Reply
            1. M
              mukesh
              May 22, 2017 at 9:13 pm
              हेल्लो दोस्तों मै पोमी चलो दोस्तों एक मिनट के लिए हम सब लोग यकीन कर लेते है इस बात पर कि हमारे भारत देश की ये चारो समस्या 10 साल में ख़त्म नही हो सकती है पानी की समस्या बेरोजगारी की समस्या लोगो की सुरक्षा और पढाई की समस्या ठीक है दोस्तों एक मिनट में जिन्दगी नही बदलती है लेकिन एक मिनट में लिया गया फेसला हमारी ज़िन्दगी बदल देता है मै ये फेसला आप सब के सामने ले रहा हु अगर ये लोग मेरी मदद करे तो 2030 में इस दुनिया पहला आमिर देश होगा हमारा भारत का
              (0)(0)
              Reply
              1. C
                Chand
                Jul 23, 2016 at 9:08 am
                Dalali me mahir hona ise khte h ndtv ne ye nhi dekha ki o din rat kiski pairwi krte hki media friend rat ko interview lene jnu chali jati h kv to kuch achha dikha diya karo.ndtv pahle ye tay kr Le or jabab taiyari rkhe ki o log congress or apne bich khud ko kha rkhte h.dalal ya kuch or
                (0)(0)
                Reply
                1. M
                  Msanwar
                  Jul 7, 2016 at 11:24 am
                  Aap kinta bhi kosis karlen aap chee news ka gharonda todkar bahar nahi nikl sakte
                  (0)(1)
                  Reply
                  1. K
                    Kamal nanda
                    Jul 7, 2016 at 11:01 am
                    Good Rohit ji
                    (2)(0)
                    Reply
                    1. S
                      Sunil mahajan
                      Jul 7, 2016 at 11:30 am
                      Really appreciable. Lots of things which we ordinary citizens are never aware of shared by Rohit ji.My best wishes to this man and request him to keep on sharing things with us.
                      (2)(0)
                      Reply
                      1. A
                        almora
                        Jul 7, 2016 at 3:55 pm
                        धो डाला भाई धो डाला कांग्रेस के दल्ले को. इसे कहते हैं ईमानदारी और संवेदना का शिष्ट रूप से प्रदर्शन और बिक चुके पत्रकारों को मुंह तोड़ उत्तर. क्या बात है रोहित जी, बहुत बढ़िया. इश्वर आपको दीर्घायु करे. अक्षरक्षः सत्य है. किसी ने तो इस कांग्रेसी दल्ला पार्टी के मेंबर को दर्पण दिखाया. जय हिन्द जय भारत.
                        (2)(1)
                        Reply
                        1. A
                          Amit
                          Sep 23, 2016 at 8:19 pm
                          I am not from any party but I have observed that Zee News is a highly biased media channel and always play from BJP side. Yes some good steps have been taken by the government which I really appreciate, but this is one sided reporting. A journalist should have a fair approach, otherwise he will be harming the nation by not raising serious questions related to employment, rupee condition, inflation, promises during political campaign etc.
                          (0)(0)
                          Reply
                          1. A
                            Amit
                            Sep 23, 2016 at 7:50 pm
                            बिलकुल रोहित सरदाना जी आप ठीक कह रहे हैं, लेकिन आप अपने एंकर का नाम लिखना शायद भूल गए- आदरणीय श्री सुधीर चौधरी जी. जिसने १०० करोड़ की फिरौती मांगी नवीन जिंदल जी से. जिसके बाद सुधीर चौधरी जी को जेल भी जाना पड़ा और उसके बाद ज़ी न्यूज़ ने नवीन जिंदल के खिलाफ मुहीम छेड़ दी. उस बारे में रवीश जी ने कोई पत्र नहीं लिखा
                            (0)(0)
                            Reply
                            1. A
                              anand
                              Jul 7, 2016 at 2:38 pm
                              Jis छनल में tum kaam krte ho uske मालिक बीजेपी के सुबाष चराजयसभा pauche
                              (0)(1)
                              Reply
                              1. A
                                anil pathak
                                Jul 7, 2016 at 9:08 am
                                Ndtv chanel is baised so nothing good could be expected.
                                (0)(0)
                                Reply
                                1. A
                                  Apoorva
                                  Jul 7, 2016 at 11:43 am
                                  Must Read !!
                                  (0)(0)
                                  Reply
                                  1. A
                                    arvind
                                    Jul 7, 2016 at 2:58 pm
                                    jhute ke gatjod per such ka tamacha
                                    (2)(0)
                                    Reply
                                    1. A
                                      ashok rajak
                                      Jul 7, 2016 at 10:03 am
                                      आपकी खाल तो इतनी मोटी है कि लाइव टीवी पर अभय दुबे की दी हुई नसीहत भी भूल गए। अभय दुबे ने कहा था ना " कुछ तो लाज शर्म करो " भूल गए ना ! आप लोग भूलते बहुत हो!!!!! राजकुमार का डायलॉग याद रखो " जिनके घर शीशे के होते है वो दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंका करते!!!!!!"
                                      (0)(0)
                                      Reply
                                      1. A
                                        ashok rajak
                                        Jul 7, 2016 at 10:06 am
                                        कोई बड़ी बात नहीं जब तुम्हारा मालिक इंक बदलकर चुनाव जीत सकता है(वर्ल्ड news से) ( BJPसे चुना जा सकता है), आष्चर्य नहीं, की तुम लोग (ज़ी समूह ) पक्षपाती हो तुम्हारे व्यवहार से दिखता है. जब तुम्हरे खुद के पास पत्रकारिता के एथिक्स नहीं है ,दूसरों पर ऊँगली उठाने का साहस कहाँ से आता है??? ये अपने आप में आष्चर्य की बात है।( तहलका वीडियो याद है उसके आगे प्रसून जोशी का वीडियो कुछ भी नहीं ) उस वीडियो (प्रसून जोशी वाला ) के बावजूद भी दिल्ली के पढ़े लिखे लोगो ने केजरीवाल को चुना!!!
                                        (0)(0)
                                        Reply
                                        1. A
                                          ashok rajak
                                          Jul 7, 2016 at 10:05 am
                                          क्यों कि अभी आधा भारत ही स्वतंत्र हुआ है आधा भारत उपेक्षित है। दुनिया बाइनरी नंबर सिस्टम से नहीं चलती ! मशीने चलती है। रवीश कुमार ने एम जे अकबर को चिठ्ठी लिखी क्यों की वो इस लायक है की रवीश कुमार उनके बारे में लिख सकते है ,और ये चिठ्ठी सिर्फ एम जे अकबर के लिए है ,ऐसा क्यों समझ रहे हो ! तुम्हरी साहित्यिक समझ इतनी ही है ?
                                          (0)(0)
                                          Reply
                                          1. A
                                            ashok rajak
                                            Jul 7, 2016 at 10:05 am
                                            जिस तरह तुमने कन्हिया कुमार के मुद्दे को रवीश कुमार से जोड़ा है ,ये बताने के लिए काफी है कि तुम्हरी सोच आरएसएस या उस मानसिकता से कैसे मेल खाती है , देशद्रोह और राजद्रोह मैं अंतर समझ नहीं पाए और tv पर देश भक्ति का सर्टिफिकेट बाँटने लगे। ये देश लोकतान्त्रिक देश है। यहाँ चीज़े ब्लैक and वाइट में नहीं ग्रे शेड में होती है ,देश भक्ति भी !
                                            (0)(0)
                                            Reply
                                            1. Load More Comments