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बॉलीवुड को म‍िला व‍िलेन को ‘बड़ा’ कर हीरो का कद बढ़ाने का नया फार्मूला?

हीरो को बड़ा बनाना है तो विलेन को बड़ा बनाना होगा। इस दिनों रिलीज हो रही फिल्मों के ज्यादातर निर्देशक यही कर रहे हैं।
Author नई दिल्ली | October 27, 2017 13:46 pm

बॉलीवुड हो या हॉलीवुड, सिनेमा जगत में विलेन को ज्यादा से ज्यादा कूल और अट्रेक्टिव दिखाने का ट्रेंड तेज़ी से बढ़ रहा है। आने वाले महीनों में रिलीज़ होने जा रही फ़िल्म पद्मावती और 2.0 के अलावा पिछले सालों में रिलीज़ हुईं रा-वन, धूम-3 और धूम-2 इसके अच्छे उदाहरण हैं। सवाल ये है कि खलनायक को हीरो से बड़ा दिखाने की आखिर ज़रूरत क्या है? तो ज़रूरत ये है कि सिनेमा इस बात को अच्छी तरह समझता है कि अगर हीरो को बड़ा बनाना है तो विलेन को बड़ा बनाओ। बड़े विलेन को हरा कर ही हीरो उससे बड़ा बन सकता है। इसलिए मेकर्स असल में ज्यादा बड़ा हीरो बनाने की कोशिश में हैं।

गणित सीधा सा है कि खलनायक का किरदार जितना ज्यादा बड़ा और प्रभावी होगा दर्शक की दिलचस्पी फ़िल्म और उसकी कहानी में उतनी ही ज्यादा होगी। इस तरह दर्शक को लीड एक्ट्रेस, लीड हीरो और विलेन इन तीनों तरफ से आकर्षित करने की कोशिश निर्देशकों द्वारा की जा रही है। 1 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही फ़िल्म पद्मावती का जब ट्रेलर आया तो यह देखते ही देखते इंटरनेट सेंसेशन बन गया। और इसकी वजह थी ट्रेलर में दिखाया गया अलाउद्दीन ख़िलजी का किरदार। फ़िल्म में यह रोल बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह निभा रहे हैं और उन्होंने अपने अभिनय की ताकत से इसे इतना जीवंत कर दिया है कि दर्शक ट्रेलर भर देख कर मन्त्र मुग्ध रह गए।

3 मिनट 10 सेकंड के फ़िल्म के ट्रेलर में महज़ 2 डायलॉग्स डाले गए हैं और वो भी ऐसा लगता है कि मेकिंग के वक़्त से फ़िल्म का विरोध कर रहे समुदायों के तुष्टिकरण के लिए हैं। ट्रेलर के आधे हिस्से में राजा रावल रतन सिंह का किरदार निभा रहे एक्टर शाहिद कपूर और रानी पद्मिनी का किरदार निभा रहीं दीपिका पादुकोण को दिखाया गया है, और बाकी पूरा वक़्त अलाउद्दीन ख़िलजी का किरदार निभा रहे रणवीर सिंह को दिया गया है। निर्देशक संजय लीला भंसाली भी इस बात को भली भाँति समझते हैं कि रणवीर का किरदार फ़िल्म के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

फ़िल्म में अलाउद्दीन ख़िलजी के किरदार को जितना ज्यादा हो सके स्याह और वहशी दिखाने की कोशिश मेकर्स द्वारा की गई है। पेंच फिर से वही है; हीरो को बड़ा बनाना है तो विलेन को बड़ा बनाना होगा। पद्मावती के अलावा जिस दूसरी फ़िल्म का फैन्स बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं वह है 400 करोड़ के बजट से बन रही भारत की अब तक की सबसे महंगी फीचर फ़िल्म 2.0। यह फ़िल्म असल में 2010 में आई फ़िल्म रोबोट का दूसरा पार्ट है जिसका निर्देशन डायरेक्टर एस.शंकर कर रहे हैं। फ़िल्म कई मायनों में ख़ास है। मेगा बजट मूवी होने के अलावा इस फ़िल्म में अक्षय कुमार पहली बार पूरी तरह से विलेन के तौर पर दर्शकों के सामने आएंगे। इसके अलावा यह पहली बार है जब किसी फ़िल्म को शूट ही 3D फॉर्मेट में किया जा रहा है। वरना अब तक मेकर्स फ़िल्म को शूट करने के बाद इसे 3D में बदला करते थे। फ़िल्म के प्रमोशन और मार्केटिंग पर तक़रीबन 150 करोड़ रुपए खर्च किये जाएंगे जिसमें एक मेगा साइज़ गैस बलून को कई शहरों के ऊपर से उड़ाने का खर्च भी शामिल है।

अब तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक़ इस फिल्म में अक्षय कुमार को एक शैतान डॉक्टर का किरदार दिया गया है जिसका नाम डॉक्टर रिचर्ड होगा। डॉक्टर रिचर्ड एक ऐसा वैज्ञानिक है जो दुनिया को मिटा देने के मंसूबे रखता है। पोस्टर्स और मेकिंग वीडियो में दिखाया गया अक्षय कुमार का लुक पहले ही चर्चा का विषय बन चुका है। अक्षय का लुक इतना ज्यादा डरावना है कि कोई भी छोटा बच्चा पैंट गीली कर दे। फ़िल्म में पिछले पार्ट की ही तरह सुपरस्टार रजनीकांत ही इस बार भी चिट्टी की भूमिका में होंगे। हालांकि नोट करने की बात यह है कि फ़िल्म को पॉपुलेरिटी रजनी के किरदार के चलते कम और अक्षय के भयानक लुक्स के चलते ज्यादा मिल रही है।

बात सीधी सी है। फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों के लिए इन दिनों हीरो से ज्यादा विलेन फायदे का सौदा साबित हो रहे हैं। अतः मेकर्स भी इस ट्रिक को अपनी फिल्मों में आज़माने से चूक नहीं रहे। यदि आप अभी भी इस फंडे पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं तो एक बार फिर सोचिये। 2017 में रिलीज़ हुई बॉलीवुड की अब तक की सबसे बड़ी हिट मूवी बाहुबली-2 में भल्लालदेव को हराने में बाहुबली के पसीने छूट गए थे।

Written By: Puneet Parashar

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