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अरव‍िंंद केजरीवाल जी! यह जनता के साथ धोखा है, आपको शोभा नहीं देता

केजरीवाल साहब, आप मुख्यमंत्री हैं, लेकिन दिल्ली की टैक्स भरने वाली जनता आपके बड़बोले बयानों का बोझ नहीं उठा सकती।
Author April 4, 2017 12:35 pm
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली की सीएम अरविंद केजरीवाल।

70 में से 67 सीट जीतने के बाद दिल्ली के तख्त पर काबिज हुई आम आदमी पार्टी पर राज्य की जनता के लोगों की उम्मीदों का भारी बोझ था। भ्रष्टाचार और साफ-सुथरी राजनीति का सपना दिखाकर अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे। दिसंबर 2013 में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उन्होंने 48 दिन के बाद इस्तीफा दे दिया था। लोगों में यह चीज जोश भर गई थी कि इस इंसान ने कितनी आसानी से मुख्यमंत्री पद ठुकरा दिया। 14 फरवरी 2015 को जब वह दोबारा सीएम बने तो सबको लगा कि दिल्ली को वर्ल्ड क्लास शहर बनाने की जो बातें अब तक होती रही हैं, वह अब पूरी होंगी।

महिलाओं को सड़कों पर सुरक्षा मिलेगी, ट्रैफिक की स्थिति सुधरेगी। स्कूलों और अस्पतालों में बेहतर शिक्षा स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। बिजली-पानी के लंबे चौड़े बिल आधे करने का वादा तो केजरीवाल ने सत्ता में आने से पहले ही कर दिया था। लिहाजा उन्होंने यह किया भी। लेकिन इसके बाद दिल्ली की लोगों को उस वक्त झटके लगे जब सत्ता में दो साल बीत जाने के बाद भी दिल्ली में कुछ खास काम नहीं देखा गया। हां 730 दिनों में केंद्र में बैठी नरेंद्र मोदी की सरकार पर उन्होंने शायद ही किसी दिन निशाना न साधा हो। गेंहू की पैदावार से ज्यादा उन्होंने अपनी और पार्टी विधायकों की तनख्वाह में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली पर डीडीसीए में घोटाले का आरोप लगा दिया, जिसके बाद अब उनके और पार्टी के अन्य 6 नेताओं पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का केज दर्ज किया गया।

लेकिन अब वह यह केस लड़ने की फीस दिल्ली की जनता से चुकवाना चाहते हैं। केस भी उनकी तरफ से राम जेठमलानी लड़ रहे हैं, जो करोड़ों रुपये फीस लिए बिना कोर्ट में कदम भी नहीं रखते।  3.42 करोड़ रुपये का बिल जो राम जेठमलानी ने आपको भेजा है, क्यों न वो आपकी पार्टी के फंड से वह चुकाया जाए।

नोटबंदी का केजरीवाल ने जोरदार विरोध किया था। प.बंगाल की सीएम के साथ जंतर-मंतर पर मार्च भी निकाला था। इसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला उनकी आप पार्टी ने बताया था। लेकिन जनता के पैसे से खुद का व्यक्तिगत केस लड़ना किसी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। एमसीडी चुनावों से पहले उन्होंने एेलान किया था कि हाउस टैक्स माफ करेंगे, तो क्या एक चीज माफ कर दूसरे दरवाजे से उसे वसूलना यही आप आदमी पार्टी की राजनीति है। केजरीवाल साहब, आप मुख्यमंत्री हैं, लेकिन दिल्ली की टैक्स भरने वाली जनता आपके बड़बोले बयानों का बोझ नहीं उठा सकती।

वित्त मंत्री अरुण जेटली पर डीडीसीए में घोटाले का आरोप लगा दिया, जिसके बाद अब उनके और पार्टी के अन्य 6 नेताओं पर 10 करोड़ रुपये मानहानि का केज दर्ज किया गया।

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  1. V
    Vinod Dogra
    Apr 4, 2017 at 1:30 pm
    Why should the public pay for your misadventure about targeting almost all without solid facts? You simply want to be in the news for optics.Even if there is no news, you create a false controversy to be in the news. Shut up and do some work and pay the bills from your pocket.
    Reply
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