ताज़ा खबर
 

…तो अब सर्जिकल स्‍ट्राइक के मुद्दे पर लड़ा जाएगा यूपी, पंजाब, गुजरात का चुनाव, 2019 के लिए आ सकता है इससे भी बड़ा कोई मुद्दा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों और बीजेपी नेताओं से सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर छाती ठोकने से बचने के लिए कहा लेकिन इसके चंद रोज बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का यूपी में इस उपलब्धि के लिए सार्वजनिक सम्मान किया गया।
Author October 7, 2016 15:45 pm
केरल के कोझीकोड में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह। (पीटीआई फोटो/25 सितंबर, 2016)

अब ये साफ हो गया है कि भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में की गई सर्जिकल स्ट्राइक आगामी चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए एक अहम राजनीतिक मुद्दा होगी। अभी तक विपक्षी पार्टियां नरेंद्र मोदी सरकार और बीजेपी पर सर्जिकल स्ट्राइक के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगा रही थीं लेकिन शुक्रवार (7 अक्टूबर) को कांग्रेस उपाध्यक्ष के “जवानों के खून की दलाली” वाले बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साफ किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। शाह ने कहा, “हम इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहते लेकिन इस मुद्दे को लेकर जनता के सामने जरूर जाएंगे क्योंकि सेना की हौसलाअफजाई करना हर जिम्मेदार राजनीतिक पार्टी का दायित्व है और ये जो सर्जिकल स्ट्राइक हुई है उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की, सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की जो नीति है उसकी भी उद्घोषणा होती है, इसका भी परिचय मिलता है।” अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात समेत पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव हैं।

वीडियो: राहुल गांधी के पीएम नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान पर बोले सुब्रमण्यम स्वामी-

शाह ने जिस तरह “राजनीति नहीं करने” लेकिन मुद्दे को “जनता के बीच लेकर जाने” की घोषणा की है उससे साफ हो गया है कि बीजेपी आगामी चुनावों में अपनी पुरानी “दोहरी रणनीति” अपनाएगी। पिछले लोक सभा चुनाव में राजनीतिक विश्लेषकों में इस बात को लेकर काफी माथापच्ची हुई थी कि बीजेपी और मोदी चुनाव प्रचार के दौरान “विकास की राजनीति” पर जोर देने के कारण बहुमत मिला था या “सांप्रदायिक ध्रुवीकरण” में सफलता हासिल करने की वजह से। लोक सभा चुनाव के दौरान पार्टी के तत्कालीन पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी जनता के बीच “विकास और भ्रष्टाचार” का मुद्दा उठाते रहे लेकिन बीजेपी के स्थानीय नेता सांप्रदायिकता को हवा देते रहे। बीजेपी की इस “दोहरी रणनीति” की काट विपक्षी दल नहीं निकाल पाए।

शुक्रवार को जब यूपी में सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े पोस्टरों और बयानों के बाबत शाह से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “तहसील अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष ने पोस्टर लगा दिया तो उसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी नरेंद्र मोदी से जानी जाती है, राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज से जानी जाती है। बीजेपी के किसी भी बड़े नेता ने बयान नहीं दिया है।” जाहिर है कि बीजेपी के अगली पंक्ति के नेता इस तरह के बयानों से बच रहे हैं। कुछ वैसे ही जैसे लोक सभा चुनावों के पहले और बाद दूसरी और तीसरी कतार के बीजेपी नेता मोदी विरोधियों को पाकिस्तान भेजते रहे और रामजादे-हरामजादे के बीच फर्क बताते रहे और पहली कतार के बड़े नेता विकास और भ्रष्टाचार से जुड़े “जुमले” उछालते रहे। नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद भी असहिष्णुता, राष्ट्रवाद, जेएनयू, रोहित वेमुला, मोहम्मद अखलाक, गोरक्षा और बीफ के मुद्दे पर बीजेपी के तहसील-जिला-प्रदेश स्तर के नेता भड़काऊ बयान देते रहे और “बड़े नेता” अधिकतम चुप ही रहे। बोले भी तो देर से “डैमेज कंट्रोल” मोड में।

Read Also: यूपी: मनोहर पर्रिकर ने सम्मान लेते हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर जताया गर्व, बीजेपी नेता ने किया 200 मौतों का दावा और एटम बम गिराने की बात

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीएम मोदी ने मंत्रियों और बीजेपी नेताओं को सर्जिकल स्ट्राइक पर बयानबाजी से बचने के लिए कहा है। लेकिन उसके चंद रोज बाद ही रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर यूपी में एक कार्यक्रम में शामिल हुए जिसमें उनका सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पीएम मोदी और पर्रिकर को सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय देने के साथ ही मारे गए आतंकियों के बारे में भी बढ़ा-चढ़ा कर दावे किए गए। भारतीय सेना ने अभी तक मारे गए आतंकियों से जुड़ा कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में 10 से लेकर 50 आतंकवादियों के मारे जाने की बात कही गई है लेकिन बीजेपी के कार्यक्रम में रक्षा मंत्री की मौजूदगी में 200 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया गया। यूपी में पीएम मोदी को राम और नवाज शरीफ को रावण बताने वाले पोस्टर देखे गए। अब विधान चुनावों के नजदीक आते-आते किस तरह के दावे किए जाएंगे और किस तरह के पोस्टर दिखेंगे ये आने वाला वक्त ही बताएगा।

शाह ने साफ कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक “उपलब्धि सेना की है, राजनीतिक इच्छाशक्ति पीएम नरेंद्र मोदी की है।” यानी विभिन्न मुद्दों पर “यू-टर्न” और “जुमलेबाजी” को लेकर घिरी मोदी सरकार सर्जिकल स्ट्राइक के बहाने खुद को “देश को अपमान से बचाने वाली” सरकार के रूप में पेश करेगी। बीजेपी के लक्षणों से साफ है कि देश में होने वाले भावी चुनाव महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य के बजाय राष्ट्रवाद, गाय, बीफ, मुसलमान और पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर लड़े जाएंगे। अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावों की नाव सर्जिकल स्ट्राइक से पार करने की कोशिश की जाएगी। रही बात 2019 के लोक सभा चुनाव की तो तब तक बीजेपी के “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद” के कारखाने से इससे भी बड़ा कोई मुद्दा पैदा हो जाए तो किसी को हैरत नहीं होगी।

Read Also: सर्जिकल स्ट्राइक: अमित शाह ने किया ऐलान- जनता के बीच ले जाएंगे सेना का हौसला बढ़ाने का मुद्दा

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. B
    Binay
    Oct 8, 2016 at 4:30 am
    यही करण है धीरे धीरे बीजेपी की जमीन घिसक रही HAI
    (1)(0)
    Reply
    1. V
      Vinay Totla
      Oct 10, 2016 at 10:37 am
      अभी तो आप देखना भाजपा कितने रंग दिखती है| इनको साफ़ साफ़ नज़र आ रहा है की अबकी बार इनकी दाल नहीं गलेगी सो ये राष्ट्रवाद को नया हथियार बना रहे है लेकिन वह भी कारगर नहीं हुआ सो अब जो भी इसके विरुद्ध कुछ बोलता है उसको देशद्रोही करार दे देते है और इनके भक्त लोग तो सिर्फ इनकी ही सुनाने के लिए ही बैठे है| बिना सोचे समझे बस उसी बात को रटते रहते है|
      (0)(0)
      Reply
      सबरंग