ताज़ा खबर
 

तवलीन सिंह के सभी पोस्ट

तवलीन सिंह का कॉलम – वक़्त की नब्ज़ : उम्मीदों के दो साल

प्रधानमंत्री वास्तव में प्रशासन में सुधार लाना चाहते हैं, जैसा कि चुनाव अभियान में कहा करते थे, तो हर सरकारी महकमे में सुधार करना...

तवलीन सिंह का कॉलम – वक़्त की नब्ज़ : डूबती नैया के खेवनहार

सच तो यह है कि कांग्रेस की राजनीति पुरानी हो गई है और यह बात उसकी चुनावी रणनीति में दिखने लगी है। विडंबना यह...

तवलीन सिंह का कॉलम – वक़्त की नब्ज़ : विकास पर नजर की जरूरत

भाजपा मुख्यमंत्री अपना ज्यादा समय मुंबई में बॉलीवुड और क्रिकेट के सितारों की संगत में व्यतीत करते दिखते हैं। उनके मंत्री अपनी आलीशान कोठियों...

तवलीन सिंह का कॉलम- वक़्त की नब्ज़ : इन दो सालों में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इरादे नेक जितने भी हों, जब तक अमल सही ढंग से नहीं होगा तब तक भारत की सदियों पुरानी समस्याएं...

तवलीन सिंह का कॉलम वक़्त की नब्जः भ्रष्टाचार की परतें

अगस्ता वेस्टलैंड ने अच्छा मौका दिया है मोदी सरकार को इन चीजों में परिवर्तन लाने का। सो, बहुत जरूरी है कि इस मौके को...

तवलीन सिंह का कॉलम वक़्त की नब्ज़ : हकीकत और फसाने

ईसाई सुरक्षित हुए तो मोहम्मद अखलाक की निर्मम हत्या हुई और यहां से सिलसिला चला मुसलमानों को असुरक्षित साबित करने का।

वक़्त की नब्ज़ : आंबेडकर होते तो…

आज हाल यह है कि ग्रामीण भारत के सबसे ताकतवर लोग आरक्षण मांगने लग गए हैं सरकारी नौकरियों और सरकारी शिक्षा संस्थाओं में।

वक़्त की नब्ज़ : खुलासे और तहखाने

याद रखिए कि ऐसा शायद ही कोई विदेशी पर्यटक होगा, जो ताजमहल देखने न गया हो, लेकिन आगरा शहर का यह हाल है कि...

वक़्त की नब्ज़ : बदलाव की ठहरी बयार

हर क्षेत्र में परिवर्तन का अभाव दिखता है। महाराष्ट्र में पिछले दो वर्षों से बारिश ने धोखा दिया है, सो वर्तमान हाल यह है...

तवलीन सिंह का कॉलम- वक़्त की नब्ज़ : जिहाद बनाम दहशतगर्दी

इंडोनेशिया के बाद मुसलमानों की आबादी भारत में सबसे ज्यादा है। यह बात सच है कि भारतीय इस्लाम में एक उदारता दिखती है, जो...

तवलीन सिंह का कॉलम वक्त की नब्जः संकीर्ण पंथनिरपेक्षता

धर्म परिवर्तन रोकने के लिए निकल पड़ते हैं संघी सीना तान के। बीफ खाने वालों को जान से मारने के लिए भी निकल पड़ते...

तवलीन सिंह का कॉलम वक्त की नब्ज़ः दोहरे पैमाने

प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान काला धन वापस लाने का वादा किया था, वह न सिर्फ ‘चुनावी जुमला’ था, बल्कि झूठी बात थी। वैसे...

तवलीन सिंह का कॉलम वक्त की नब्जः परिवर्तन का सपना

प्रधानमंत्री को पिछले सप्ताह लोकसभा में बोलते हुए सुन कर अच्छा लगा। इसलिए कि पिछले दिनों वे कुछ ज्यादा ही मौन रहे हैं और...

JNU विवाद पर तवलीन सिंह का कॉलम वक़्त की नब्ज़ : राष्ट्रवाद की हवा में

पिछले सप्ताह जेएनयू और रोहित वेमुला पर जब बहस होने दी तो मेरी राय में जीत राष्ट्रवादियों की हुई,

तवलीन सिंह का कॉलम वक्त की नब्जः इस विरोध के पीछे

पटियाला हाउस में जो हुआ शर्मनाक जरूर है, लेकिन उन हादसों से इस देश को मेरी नजर में कोई खतरा नहीं है। खतरा है,...

तवलीन सिंह का कॉलम वक़्त की नब्ज़ : महबूबा का असमंजस

जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य में सरकार का एक महीने से इस तरह लटके रहना खतरनाक है। सो, या तो महबूबा खुद अपनी विरासत संभालें या...

तवलीन सिंह का कॉलम वक़्त की नब्ज़ : नाकाम योजनाओं के सहारे

सोनिया गांधी की सलाहकार परिषद की एक और देन है, जो मोदी सरकार गर्व से अपना रही है और वह है खाद्य सुरक्षा कानून।...

तवलीन सिंह का कॉलम वक्त की नब्ज़ः नौकरशाही पर नकेल की जरूरत

प्रधानमंत्री को भूलना नहीं चाहिए एक क्षण के लिए भी कि उनको जनादेश पूरी बहुमत के साथ मिला था परिवर्तन लाने के नाम पर।...

सबरंग