ताज़ा खबर
 

सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी के सभी पोस्ट

दुनिया मेरे आगे- दूसरों की खातिर

हवा, पानी, खुशबू, रंग, सौंदर्य, फल, फूल ही नहीं, आग, रोशनी और संगीत- सभी औरों के लिए हैं।

‘दुनिया मेरे आगे’ कॉलम में सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी का लेख : रफ्तार का रोग

तेज रफ्तार से दौड़ रही जिंदगी में सभी तेजी से भागते नजर आते हैं। न किसी में सब्र है, न इंतजार करने की मानसिकता।...

‘दुनिया मेरे आगे’ कॉलम में सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी का लेख : चाहा क्या हुआ क्या

दुनिया में ऐसे लोग गिने-चुने ही हैं, जिनके सपने और हकीकत एक हों। आप असंख्य संपन्न, सुखी और भौतिक रूप से संतुष्ट लोगों पर...

दुनिया मेरे आगेः भ्रम के विज्ञापन

क्या हम विज्ञापनों से जी रहे हैं? टीआरपी के हिसाब से चैनल अपने धारावाहिक और अन्य कार्यक्रमों के बारे में फैसला करते हैं। दर्शकों...

दुनिया मेरे आगेः समीक्षा का पैमाना

समीक्षा का मतलब है मूल्यांकन। यानी किसी भी कृति या रचयिता का गुण-दोष के आधार पर उचित ईमानदार, संतुलित और सही आकलन। इसीलिए डॉ...

आस्था का सागर

भारत एक धर्म प्रधान देश है। यहां आस्था प्रकट करने के अनगिनत अवसर आते हैं। खासकर दीपावली के बाद कथा, पुराण और भक्ति संध्या...

बढ़ती उम्र का अहसास

बढ़ती उम्र का असर सभी पर होता है। फर्क इतना होता है कि किसी पर कम, किसी पर कुछ ज्यादा और किसी पर कुछ...

सबरंग