April 30, 2017

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सुधीश पचौरी के सभी पोस्ट

बाखबर: चैनल तुम्हें चैन से मरने नहीं देगा

इधर मोदीजी ने दिल्ली जीती, उधर सेंसेक्स ने रिकार्ड तोड़ा। चंचल चैनल चकित चित्त चर्चाए।

बाखबर: जैसी आपकी मर्जी महाराज!

जनता से कनेक्शन है तो मोदी जी का है, किसी और का तो दूर-दूर नहीं है... वे गुजराती प्राइड के प्रतीक हैं... बीजपी की...

बाखबरः दाने-दाने पर मुहर

कुछ ही दिनों में यूपी बहुत आगे निकल गया है। इन दिनों जो यूपी करता है बाकी राज्य उसकी नकल करते हैं! ‘बंदी’ का...

कुछ उत्तर-सत्य कथाएं

जो कहूंगा सच कहूंगा, सच के अलावा कुछ न कहूंगा। जो कहूंगा चैनल देखी-सुनी कहूंगा।

बाखबरः नव नित मंगल मोद बधाए

एक चैनल बताता है कि सात दिन में योगीजी ने पचास फैसले किए हैं! एकदम बुलेट ट्रेन की स्पीड से काम हो रहा है!...

बाखबर- शकुन पर शकुन

यूपी में अच्छे दिन आते दिख रहे हैं। इसे चपलाशयोक्ति कहें या अंतत्यातिशयोक्ति कहें कि यूपी में सतयुग सचमुच आ गया है।

सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत है

हर बार एक नई लाइन, एक नया नारा, एक नया संकल्प। एकदम ‘हाइपर टू हाइपर’, ‘इवेंट टू इवेंट’, ‘दृश्य दर दृश्य’ बनाते हुए वे...

देख बहारें होली की

फिर होली गाने आते हैं कवि नजीर अकबराबादी! नजीर साहब ने एक के बाद रिकार्डतोड़ तेरह होलियां लिखी हैं और एक से एक होली...

बाखबर: गाइए मोदी जग वंदन

पत्रकार आरती जैरथ एनडीटीवी पर कहती हैं कि नोटबंदी पर हमारी समझ गलत निकली। शेखर गुप्ता कहते हैं कि हम लोग गलत रहे, मोदी...

बाख़बर : हर ‘देशप्रेमी’ को चाहिए एक ‘देशद्रोही’

हम तो ‘देशप्रमियों’ के कृतज्ञ हैं कि हमें उन्होंने एक से एक ‘देशद्रोही’ के दर्शन कराए! खालसा से फैकल्टी तक मार्च करने वाले ‘देशद्रोहियों’...

बाखबर: अथ गर्दभ विमर्श

जब तक एआइडीएमके की लीला प्रसारित थी, तब तक एआइडीएमके कम से कम दो अंगरेजी एंकरों की नजरों में खल पार्टी थी।

बाखबर: न पीऊंगा न पीने दूंगा

तमिल राजनीति ने अभिव्यक्ति की आजादी के हामी एंकरों, रिपोर्टरों तक को विभाजित कर दिया! लगभग हर बाइट शशिकला को खलनायिका बनाती रही।

बाखबर: दिव्य वचनामृतम्

पूरे सप्ताह अपनी रैलियों में पीएमजी दहाड़ते दिखे हैं। उनके भक्त अब भी मोदी मोदी चिल्लाते दिखे हैं, लेकिन कुछ कम मात्रा में! भीड़...

बाखबर, सुधीश पचौरी का कॉलम: बजट का शेर और बब्बर शेर

बसंती मूड में वे सीरियसली समझाते रहे कि बजट किस तरह गांव, गरीब और विकास के लिए प्रतिश्रुत है! विपक्ष ने बिलकुल नहीं टोका...

ट्रंपवाद के मायने

ट्रंपवाद अमेरिकी फंसावट का दूसरा नाम है। इस ट्रंपवाद की भी एक सीमा है और जोखिम हैं लेकिन उसके पालित उदारतावाद की भी सीमाएं...

बाख़बर : कुछ सांस्कृतिक अमर्ष

कांग्रेस की मनचीती हुई। बिना किसी विवाद के प्रियंका की राजनीति में एंट्री हो गई। चैनलों ने बिना किसी प्रश्न के लाइनें लगार्इं कि...

बाखबरः भीड़तंत्र की जय

चैनल और एंकर मस्त थे कि एक भीड़ उपलब्ध थी, जिसे दिखाना था और उस रोमांच से रोमांचित होना था, जो चैनलों को निर्भया...

देशभक्ति: एक जली हुई रोटी

क्या इसी सेना की असलियत छिपाने के लिए भक्त दनदनाते रहते थे कि सेना पर सवाल न करें, क्या इसीलिए सवाल न करें! सवाल...

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