ताज़ा खबर
 

सुधीश पचौरी के सभी पोस्ट

बाखबर- प्रदूषण खरदूषण

अचानक फिर से अदालत अदालत अदालत अदालत अदालत अदालत, और अदालत का आदेश कि इस दीवाली नो पटाखे, नो सेल।

लक्ष्मी की खोज में दिवाली

ऐसे में दिवाली की रौनक कुछ फीकी-फीकी रहने के आसार हैं। ऊपर से पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध! इन परिस्थितियों में दिवाली की खुशियां...

राधे मां का ठुमका

स्च्छवता दिवस पर स्वच्छ-स्वच्छ लोग स्वच्छता के बारे में स्वच्छ-स्वच्छ अंग्रेजी में दिन भर स्वच्छ-स्वच्छ करते रहे। इस चक्कर में कई चैनल कुछ ज्यादा...

बाखबर- ये कंवल के फूल मुरझाने लगे हैं!

वीडियो दिखाता रहा। थप्पड़ लीला करती नेता कहती रहीं कि अगर कोई हिंदू लड़की किसी मुसलमान लड़के के साथ दिखी तो मैं फिर मारूंगी!...

बाखबर- विकास बौरा गया है

मेहमाननवाजी हो तो ऐसी कि मेहमान-मेजबान हर वक्त मुस्कराते दिखें और बटन दबे तो बुलेट चलती दिखे।

घृणाभाषा बनाम रचनात्मक भाषा

फासिज्म की प्रतिक्रिया में ‘एंटी फासिज्म’ का भाव पैदा होता ही है और इसका सिर्फ वही संस्करण नहीं है जो इन दिनों अमेरिका में...

बाखबरः लगभग जयहिंद

राहुल अक्सर ऐसी छेड़छाड़ से खबरों में छा जाते हैं। वे जितने कोसे जाते हैं उतनी ही बाइट पाते हैं। वे निरंकुशता को ‘एब्सर्डिटी’...

बाखबर- शोक-स्नान

भारत का गजब कूटनीतिक तख्तापलट! कि तभी उस चैनल पर पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की खबर ब्रेक हुई और सभी चंपी चैनलों को...

बाखबर: अचानक नोटबंदी के फूले हुए गुब्बारे की हवा निकलने लगी!

चार दिन से हर खबर चैनल बाबा लीला को लाइव कवर करने में लगा था, मानो मालूम हो कि कुछ बड़ा घटित होने वाला...

बाखबर- दो दिन जब इंडिया हिल उठी

जो कल तक तीन तलाक के पक्ष में बोलते थे, हकला कर कहने लगे कि ठीक है। अब हम अपना प्रस्ताव लाएंगे, लेकिन मुसलिम...

संकल्प से सिद्धि तक

पंद्रह अगस्त आते ही सभी चैनल तिरंगे हो गए। शाम होते-होते स्वतंत्रता दिवस को कवर करने के लिए कम से कम चार चैनल सीधे...

बाखबर: यह छोड़ो वह छोड़ो

उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे वाले दिन एक हिंदी चैनल पूरे दिन यह शीर्षक लगाए रहा: ‘कांग्रेस मुक्त भारत’! एंकर कहती थी कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति...

विदूषक का अंत

हंसाने वालों, हंसी-हंसी में जमाने पर करारा तमाचा जड़ देने वालों यानी विदूषकों, जोकरों, कॉमेडियनों की परंपरा प्राचीन है। संस्कृत नाटकों में विदूषक न...

न था, न है, न होगा

गजब की मिलीभगत लगी चैनलों की कि न चुनाव, न अभियान और रिजल्ट दे दिया नीतीश जी ने कि दो हजार उन्नीस में मोदी...

बाखबरः टैंक प्रेम लाना

बिहार के ‘मोर्चा उखाड़’ को लेकर हर चैनल प्रसन्न लाइन देता था कि यह घर वापसी है... यह घर वापसी है। हिंदी चैनल घर...

सुबह विपक्ष नाराज होता है, दोपहर बाद सीरियस हो जाता है!

एआइबी की फुलफार्म इतनी गंदी है भाईसाब कि मैं टीवी पर बोल तक नहीं सकता। इनको हवा क्यों देते हो।

फुंदनों की लीला

कोसने से बचाया तो उस आक्रमित बस के ड्राइवर सलीम शेख ने बचाया। वह सभी चैनलों का हीरो था। सब उसे सलाम करते थे।...

शहर और सह-सांस्कृतिकता

स्मार्ट शहर यानी हर तरह से सुविधासंपन्न और साफ-सुथरे शहर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। मगर पुराने शहरों की पहचान और...

सबरंग