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पीयूष द्विवेदी के सभी पोस्ट

राजनीतिः परमाणु निरस्त्रीकरण का सपना

परमाणु हथियारों के खात्मे के लिए अभियान चलाने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन ‘आइकैन’ को पिछले दिनों शांति का नोबेल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई।...

राजनीतिः गैस सबसिडी के बगैर

 गरीबों की अनदेखी करना एक कल्याणकारी राष्ट्र का चरित्र नहीं होता। धीरे-धीरे सबसिडी खत्म करने के तरीके को आर्थिक विशेषज्ञ भले यह कह कर...

रोजाना मूल्य निर्धारण की मुश्किलें

विगत एक मई से देश के पांच शहरों- उदयपुर, जमशेदपुर, पुंडूचेरी, चंडीगढ़ और विशाखापट्टनम- में प्रयोग के तौर पर पेट्रो उत्पादों का प्रतिदिन मूल्य...

राजनीतिः मनमानी की दवा और मरीज

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के जरिये देश के सभी तबकों के नागरिकों के लिए समुचित चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करने का इरादा केंद्र सरकार पहले...

भारतीय भाषाओं में न्याय का प्रश्न

आखिर हमारे न्यायालय भारतीय भाषाओं के प्रयोग से बचना क्यों चाहते हैं? इस संबंध में 2008 की विधि आयोग की रिपोर्ट का जिक्र आवश्यक...

प्रदूषण की भेंट चढ़ता जीवन

बीते वर्ष केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा देश के इक्कीस चुनिंदा शहरों की वायु गुणवत्ता पर एक रिपोर्ट जारी की गई थी।

किधर जा रहा है बांग्लादेश

धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में वजूद में आया बांग्लादेश सन 1988 से एक इस्लामी राष्ट्र बना हुआ है।

धीमे जहर से मुक्ति कब

तंबाकू एक मादक और उत्तेजक पदार्थ है। दुनिया में सर्वाधिक तंबाकू उत्पादन अमेरिका और चीन के बाद भारत में होता है।

राजनीति: दुनिया के लिए संकट बनता मोटापा

मोटापा न सिर्फ उनके व्यक्तित्व को बेढब कर देता है, बल्कि उनकी कार्य क्षमता पर भी काफी बुरा असर डालता है।

पीयूष द्विवेदी का लेख : शुद्ध दूध का संकट

अभी दूध में मिलावट करने व इसकी बिक्री करने के लिए न्यूनतम छह महीने की सजा का प्रावधान है, जो कि इस अपराध की...

राजनीतिः विदेशी पर्यटकों की बेरुखी क्योंं?

दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक भारत में हर तरह की विविधता है, भौगोलिक और मौसम की विविधता से लेकर खान-पान, रीति-रिवाज,...

राजनीतिः भारत में कुपोषण की कड़ियां

कुपोषण से मुक्ति के लिए जितनी आवश्यकता समुचित पोषण, चिकित्सा व स्वच्छता की है, उतनी या उससे कुछ अधिक ही स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता...

राजनीतिः बोतलबंद पानी का विकल्प

बोतलबंद पानी प्लास्टिक कचरे के रूप में पर्यावरण को और पेयजल के रूप में व्यक्ति के स्वास्थ्य को हानि पहुंचाता है। ऐसे में एक...

शिक्षा की गुणवत्ता का सवाल

एनएसएसओ की रिपोर्ट के अनुसार इस वक्त देश में निजी ट्यूशन ले रहे विद्यार्थियों की कुल संख्या लगभग 7.1 करोड़ है

World Water Day: जल जागरूकता है भविष्य की कुंजी

जल संरक्षण के लिए लोगों को सबसे पहले जल के प्रति अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। जल को खेल-खिलवाड़ की अगंभीर दृष्टि से...

नीतियों में खामी

अ तिथि के प्रति आदर का भाव भारतीय संस्कृति की मुख्य बातों में से एक है। आज के इस बाजारवादी युग में जब हर...

क्या यही है पंचायती राज

कई राज्यों में पंचायत चुनाव चल रहे हैं। कुछ राज्यों में हो चुके हैं तो कुछ में अभी उनकी प्रक्रिया चल रही है।

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