ताज़ा खबर
 

पी. चिदंबरम के सभी पोस्ट

दूसरी नजर: सत्तर साल पर अर्थव्यवस्था की हालत-2

यह आर्थिक सर्वे, खंड 2 और 2 अगस्त को आए रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति वक्तव्य के रूप में है। अर्थव्यवस्था की सेहत जांचने...

दूसरी नजर- जरूर होगा प्रतिकार का उभार

मैं ऐसे लोगों की गिनती कर रहा हूं जिन्होंने हथियार डाल दिए हैं। बुधवार, 26 जुलाई 2017 को यह नीतीश कुमार थे जिन्होंने अपनी...

दूसरी नजरः वाकयुद्ध, या उससे आगे?

यह दुनिया पोप जॉन की इस जोशीली घोषणा के करीब पहुंचती नहीं दिखती कि ‘ युद्ध अब और नहीं, युद्ध अब कभी नहीं’।

दूसरी नजर: गरीब सपने न देखें

वर्ष 2005 में मैंने तथाकथित शिक्षा-ऋण नीति की पड़ताल शुरू की। मैंने पाया कि ये ऋण गरीबों को अमूमन नहीं मिल पाते थे। गरीबों...

दूसरी नजर: एक दूसरे को कगार की तरफ धकेलना

इससे पहले, लड़के सड़कों पर उतर आते थे और पत्थर फेंकते थे; अब लड़कियां भी सड़कों पर उतर रही हैं। पहले, माता-पिता अपने बच्चों...

दूसरी नजर: किसी को खाने नहीं दूंगा

भाजपा कठपुतली की तरह सबको नचा रही है और चारों धड़ों के धागे उसके हाथ में हैं।

दूसरी नजर- परेशानी के लिए तैयार रहें

एक बार जब सारे राज्यों ने जीएसटी में ये खूबियां मान लीं, तो जीएसटी के अहम पहलुओं पर सहमति बनाने की हर कोशिश की...

दूसरी नजर: नए कर विधान का मंगलाचरण

जीएसटी का रास्ता आसान या आराम का नहीं है, बल्कि हमें सतत प्रयास करने होंगे ताकि हम संसद में की गई प्रतिज्ञाओं को, और...

दूसरी नजर- क्यों नाराज हैं किसान

सरकार को सूखे के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता, पर सरकार सूखे से पैदा हुए हालात को न संभाल पाने की दोषी तो...

दूसरी नजर: मेक इन इंडिया का फ्लॉप शो

भारत के जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा करीब 16.5 फीसद है। कृषिक्षेत्र का हिस्सा तेजी से कम हुआ है और सेवाक्षेत्र का हिस्सा तेजी...

दूसरी नजर- सरकार को आईना दिखाते आंकड़े

मैंने भविष्यवाणी की थी कि अर्थव्यवस्था को एक से डेढ़ फीसद की चपत लगेगी। मैं सही साबित हुआ, यह मेरे लिए कोई खुशी की...

दूसरी नजर- जश्न के बरक्स : न रोजगार न शांति

मतदाता जब वोट डालने जाता है तो दूसरे मुद््दे भी उसके दिमाग में आ सकते हैं, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में वह रोटी-रोजगार, मजदूरी/आय,...

दूसरी नजर- वे आशंकाएं-3

सत्ता के सामने सच्चाई बयान करना एक दुर्लभ गुण है। देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन में यह गुण है।

दूसरी नजर: वे आशंकाएं-2

भारत एक रक्तरंजित क्षेत्र हो गया है, न केवल उग्रवादियों और माओवादियों के कारण, बल्कि पसंदगियों और नापसंदगियों की वजह से भी हत्या होती...

दूसरी नजर: वे आशंकाएं

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की तस्वीर बहुत निराशाजनक है और साफ दिख रहा है कि स्थिति दिनोंदिन और बिगड़ रही है।

दूसरी नजर: जॉर्ज आरवेल को फिर पढ़ें

विशिष्ट पहचान नंबर जरूरी है, लेकिन इसे लोगों की जिंदगी के बारे में संभावित जासूसी या निजी सूचनाएं इकट्ठा करने का जरिया नहीं...

दूसरी नजरः घोर विपदा की तरफ बढ़ता कश्मीर

जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति पर मैंने कई बार लिखा है, खासकर कश्मीर घाटी की स्थिति के संदर्भ के साथ।

दूसरी नजर: क्या हमारी प्राथमिकताएं सही हैं

मैं तो यह भी कहूंगा कि केंद्र सरकार और सबसे बड़े राज्य की प्राथमिकताएं भिन्न नहीं हो सकतीं, खासकर तब, जब दोनों जगह एक...

सबरंग