May 27, 2017

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मुकेश भारद्वाज के सभी पोस्ट

बेबाक बोलः धर्म कांटा- कश्मीर की कसक

गीता और गाय में उलझी सरकार जब कश्मीर में बरस रहे पत्थरों की भाषा नहीं समझ पाई तो बचाव के लिए सेना को अपना...

बेबाक बोलः संघ- संघमार्ग से राजपथ

विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के दौरे के समय वाराणसी के पास एक गांव में संघ के कार्यकर्ता से बात हो रही थी।...

बढ़ते असतोंष पर बोले सीएम खट्टर- सरकारी बंदिशों के कारण कई बार हो जाती वादे निभाने में देरी

मेरे शासन में कुछ गलत न हो इसके लिए किसी कुर्बानी से कोई संकोच नहीं।

बेबाक बोलः 3 साल बाद- विकल्प का विजेता

16 मई को उस ऐतिहासिक दिन के तीन साल पूरे हो जाएंगे जब भारतीय सत्ता के शिखर से नरेंद्र मोदी का नाम गूंजा था।...

बारादरी- कुछ अच्छे लोग भी हैं ‘आप’ में

दिल्ली निगम चुनावों में भाजपा की भारी जीत के बाद गायक और नायक की प्राथमिक पहचान रखने वाले मनोज तिवारी राजनीति के मैदान में...

बेबाक बोलः जुबानी जंग- 56 इंच का सीना

बिहार चुनावों के संभावित नतीजों को देखते हुए अमित शाह ने तुरुप का पत्ता खेल दिया था। ‘बिहार में अगर भाजपा हारी तो पटाखे...

साहित्यिक पत्रकारिता, क्या सच में!

जब सोशल मीडिया ने युवाओं को इस बात में उलझाए रखा है कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा तो साहित्य और समाज पर...

डॉ हर्षवर्धन का इंटरव्यू: वही टिकेगा जो शुचिता में विश्वास करेगा, आप का पतन शुरू

भाजपा को खुद छुआछूत की वजह से काफी कुछ झेलना पड़ा है। और ऐसा भी नहीं कि हमने कांग्रेसियों के लिए फाटक खोल दिया...

बेबाक बोलः विखंडित विकल्प- विजय पथ

पिछले कुछ चुनावों के बरक्स 26 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर नतीजे घोषित होने के बाद आम आदमी पार्टी की हार और भाजपा की...

बेबाक बोलः कातिल मुंसिफ- फिर ना-पाक

जब 2013 में सरबजीत सरहदे हिंद पहुंचे तो उनकी सांसें थम चुकी थीं।

साहित्य जीवन का एक पहलू है, उसका काम दुनिया को बदलना नहीं है…

प्रेमचंद के साहित्य में स्त्री है, जाति है, दिखते सब हैं। लेकिन प्रेमचंद की स्त्री और जाति-व्यवस्था के शोषण में पिस रहे किरदार चैतन्य...

जनसत्ता बारादरीः बदल गई है देशद्रोह की परिभाषा

पिछले आम चुनाव और फिर इस बीच हुए अधिकतर विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को पराजय का मुंह देखना पड़ा।

बेबाक बोलः कल और आज- आप की कथनी-करनी

अगर यही हाल रहा तो भारत के राजनीतिक इतिहास में केजरीवाल साहब का नाम भी ‘एक चुनाव का करामाती (वन इलेक्शन वंडर)’ श्रेणी में...

मोदी को ना करके नायक बने पंड्या

मेडिसीन में एमडी की उपाधि हासिल कर अमेरिका में आकर्षक नौकरी को ठुकराया और हरिद्वार के शांतिकुंज में गायत्री परिवार का हिस्सा बने।

बेबाक बोलः पौधशाला- अंक-शास्त्र

मई 2014 में उत्तर प्रदेश के अंक-शास्त्र ने देश की गद्दी नरेंद्र मोदी को सौंप दी। वहीं 2017 के अंक-शास्त्र ने उत्तर प्रदेश की...

इंटरव्यू: बाबा रामदेव- मोदी भी हैं योगी, बस भगवा नहीं पहना

कभी कनखल की गलियों से शुुरुआत करने वाले रामदेव ने जो योग-क्रांति शुरू की उसका असर हम पिछले चुनावों में जीती मोदी सरकार और...

जनसत्ता बारादरीः दिल्ली में भाजपा की लड़ाई कांग्रेस से है

विजय गोयल क्यों युवा एवं खेलमंत्री विजय गोयल की पहचान पुरानी दिल्ली की गलियों से निकली है। आम आदमी पार्टी की नीतियों के खिलाफ...

बेबाक बोलः राज-काज- अगुआ से आस

इंदिरा गांधी के साथ जुड़ा कांग्रेस का सबसे सशक्त चेहरा, कांग्रेस के संकटमोचक, प्रधानमंत्री पद के सबसे योग्य उम्मीदवार।

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