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मुंबई ब्लास्ट 2006: बहरे कानों में आज भी गूंजता है धमाकों का खौफ

नौ साल पहले 2006 के जुलाई की एक बरसाती शाम। मुंबई के कामकाजी लोग दफ्तर से घर को रवाना हो रहे थे। ट्रेन के...

बेबस बचपन

कद साढ़े तीन फुट, दुबला, पतला, रंग सांवला, उम्र करीब आठ साल।

ओसारे की सूपाबेनी

सुबह-सुबह गांव का ओसारा यानी बरामदा क्यों याद आ गया, कुछ समझ में नहीं आया!

संस्कृत की जरूरत

दूसरे संस्कृत आयोग की सिफारिशें राजग सरकार की मंशाओं के अनुरूप ही हैं। हालांकि इनमें ज्यादातर सिफारिशें वही हैं, जो 1956 में पहले संस्कृत...

सौहार्द के बजाय

उत्तर प्रदेश के दादरी इलाके में महज एक अफवाह के चलते भीड़ के बर्बर व्यवहार की जैसी घटना सामने आई है, वह एक धर्मनिरपेक्ष...

वामपंथ के लिए चिंतन का समय

अगर वोटों के हिसाब से देखें तो वामपंथी विचारधारा पिछड़ती नजर आ रही है। सोवियत संघ के टूटने के बाद पूर्वी यूरोप के देशों...

गंगा की छाती को चीर रहे हैं खनन माफिया

जिले में खनन माफिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिले के नरौरा, अहार, रामघाट व कर्णवास...

निगम उप चुनाव टला

नगर निगमों के 13 सीटों के उप चुनाव टल गए। दिल्ली चुनाव आयोग पहले खुद उप चुनाव करवाने के लिए बेताब था, अब इस...

पर्यटन की खातिर

किसी भी अर्थव्यवस्था की वृद्धि करने में कृषि, उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी के साथ-साथ एक और क्षेत्र का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है ...

नियम बनाम अमल

हमारे देश में नियम-कायदे तो बहुत हैं, पर कानून का पालन बहुत कम मामलों में हो पाता है।

निष्ठुर सिपाही

आम लोगों से किस तरह पेश आना चाहिए, इसका समुचित प्रशिक्षण शायद हमारे पुलिस बल को नहीं है।

राहत की दर

आखिरकार रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने वही किया, जैसा वित्त मंत्रालय चाहता था।

नई संभावनाओं का अंतरिक्ष

अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने कामयाबी का एक और नया अध्याय लिख दिया है।

कहां मर गई इंसानियत: गौमांस की अफवाह उड़ी तो भीड़ ने ले ली अखलाक की जान

दादरी के बिसरा गांव के कुछ लोगों ने सोमवार रात कथित तौर पर 50 साल के मोहम्मद अखलाक को पीट पीट कर मार डाला।...

घड़ियाली आंसू

कितना विचित्र और हास्यास्पद है नेताओं का यह कहना कि केंद्र सरकार बदले की भावना से सीबीआइ का दुरुपयोग कर रही है...

यह बच्चा किसका है?

बाजार से लौटते हुए कूड़ेदान के पास से रिक्शा गुजरा तो तेज बदबू आई। इस कूड़ेदान के पास वाली सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं।...

परीक्षा और पैमाना

करीब साल भर पहले संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पद्धति के मसले पर हिंदी की पृष्ठभूमि के प्रतिभागियों के साथ अन्याय के खिलाफ...

दुरुस्त आयद

सांसदों के वेतन और भत्तों के निर्धारण के लिए एक स्वतंत्र आयोग बनाने का सरकार का इरादा स्वागत-योग्य है।

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