May 01, 2017

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जनसत्ता के सभी पोस्ट

अवकाश के दिन

उत्तर प्रदेश में छुट्टियों की अपूर्व तादाद के चलते स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई के दिन 220 से घट कर 120 रह गए थे। इनमें ज्यादातर...

घाटी की फिक्र

शाह की यात्रा से एक दिन पहले सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि घाटी में पहले पत्थरबाजी बंद हो, फिर बातचीत का सिलसिला शुरू...

कश्मीर: आतंकियों के फेंके ग्रेनेड से एक व्यक्ति की मौत और चार लोग हुए घायल

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ग्रेनेड विस्फोट सड़क के किनारे हुआ

असम: गाय चुराने की कोशिश के आरोप में दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या

असम में गोरक्षा के नाम पर हत्या का यह पहला मामला है।

स्वरा भास्कर का खुलासा- सलमान खान की फिल्म के प्रमोशन के दौरान हुई थी छेड़छाड, अनुपम खेर ने की थी मदद

यौन हिंसा या छेड़छाड़ ऐसी घटना है, जिससे हर भारतीय महिला को कभी ना कभी दो-चार होना पड़ा है।

3 वर्षो में बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक कारें उतारी जाएंगी: पीयूष गोयल

हमारा यह कदम साल 2030 तक पेट्रोल तथा डीजल कारों को चरणबद्ध तरीके से हटाने में केंद्र सरकार के प्रयासों का समर्थन करेगा।

कविताएं- शहर की कैफियत, आज का दिन, सुगठित शक्ति, समर्पण

प्रतिभा चौहान   शहर की कैफियत मैं लिए रही खाली पन्नों की डायरी शेष लिखा जाना था कुछ बचपन दोबारा लिखना था बंटवारा करना...

विमर्श- परंपरा लोककथा की

मानव समाज में प्रचलित लोककथाओं की परंपरा हमें आदिम युग के तहखानों तक ले जाती है।

कहानी- बताते बताते

यहां तक कि किचन में उसकी और मेरी पसंद का आज क्या-क्या बना है, सब्जी, सूखी भुजिया ही है या कोई रसेदार सब्जी भी...

जो स्वस्थ है, वह मस्त है

सदाबहार यौवन के लिए आखिर कौन नहीं लालायित होगा? बुढ़ापा दूर भगाने के लिए लोग जाने कैसे-कैसे जतन करते हैं, पर नासपीटा बुढ़ापा है...

भाषा- अनुवाद की लैंगिकता

संरचना का आभास बाइबिल की एक कथा में मिलता है, जिसमें पुरुष के शरीर से एक पसली निकाल कर स्त्री की रचना करने का...

बाल कहानी- पंख

पीकू मोर बहुत बुद्धिमान और मेहनती था। वह हमेशा दूसरों का भला सोचता था और हर किसी की मदद के लिए तैयार रहता था।

नन्ही कविताएं- फलों का राजा, गरमी आई गरमी आई

गोविंद भारद्वाज , साराह शम्स शब्बीर की कविता।

पहनावा और पहचान

गरमी यानी चिलचिलाती धूप, सिर से पैर तक बहता पसीना और चिपकते कपड़े। उफ्फ। न चाहते हुए भी बस चाहत होती है कि कुछ...

अवसाद का दुश्चक्र

आज भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व अवसाद से ग्रस्त है और इससे प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

दूसरी नजर: बर्र के छत्ते को न छेड़ें

हिंदी और अंग्रेजी ने शांतिपूर्वक साथ-साथ रहना सीख लिया है! हिंदी को अपना स्थान मालूम है और अंग्रेजी को अपना, और कुछ स्थानों पर...

केजरीवाल का गलती मानना सोची-समझी रणनीति: विजेंद्र गुप्ता

पंजाब, गोवा और दिल्ली के मतदाताओं ने देश को केजरीवाल की असली हैसियत दिखा दी है ।

दिल्ली: अदालत के बाहर कैदी की हत्या

गोली की आवाज सुनते ही अफरा-तफरी मच गई।

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