April 28, 2017

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अश्विनी भटनागर के सभी पोस्ट

तीरंदाज- वास्तविक पहलवान आभासी अखाड़ा

ट्विटर पर आपको गंवार भी उतने ही मिलेंगे, जितने कि सयाने बुद्धिजीवी। अंधभक्त भी उतने ही हैं, जितने कि अनीश्वरवादी।

समकाल में महाभारत

से तो इस महाकाव्य की कहानियां और उनमें बसे चरित्र हमारे जीवन का हिस्सा हैं, पर महाभारत के कई और आयाम भी हैं, जिनको...

तीरंदाज- उदारवाद बनाम कट्टरपंथ

1979 में तेहरान के पहलवी राजवंश को इस्लामिक क्रांति ने सत्ता विहीन कर दिया और यकायक तरक्की पसंद ईरान कट्टरवादी इस्लाम के साथ हो...

तीरंदाज: विचारों के टकराव में बिखरती दुनिया

वास्तव में आज हमारे आपके सामने और पूरी दुनिया के सामने एक भयावह स्थिति मुंह बाए खड़ी है।

तीरंदाज़ : अपने-अपने समीकरण

भाजपाइयों को मोदी-शाह पर उतना ही भरोसा है, जितना तुलसी को राम-लक्ष्मण पर था। पर क्या उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता विधानसभा के प्रत्याशियों की झोली...

तीरंदाज: नएपन की तलाश

संपूर्ण क्रांति आई और चली गई। साए में भी धूप लगने लगी, दीवारें पर्दे की तरह हिलती रहीं और लोग पेट और पीठ के...

तीरंदाज: तंगी में शाहखर्ची

नोटबंदी से मैं खुश हूं। खर्चा कर-कर के परेशान हो गया था। नोट आते थे और बंद मुट्ठी की रेत की तरह फिसल जाते...

तीरंदाजः श्रेष्ठता के दंभ में भटकता समाज

सर्वोत्तम श्रेष्ठ आज भी हमारे लिए एक लक्ष्य हो सकता है, पर उसके लिए भूमि तैयार करनी होगी। आर्थिक उन्नति उसकी पहली सीढ़ी है।...

तीरंदाज: पुराना बनाम नया अमेरिकी जनतंत्र

अमेरिका की सड़कें नोएडा-आगरा एक्सप्रेस-वे की तरह हैं। एक बार कार चल पड़ी तो तीर की तरह छूट जाती है।

तीरंदाज: महाबली के अखाड़े में

अमेरिका में आप किसी से भी बात कीजिए, वह असमंजस की स्थिति में है।

तीरंदाज: जड़ें जमाती कुनबापरस्ती

जातिप्रथा का मकसद पीढ़ी-दर-पीढ़ी एक ही कार्य करवाने का था- ब्राह्मण पढ़ाई-लिखाई करेंगे, क्षत्रिय शस्त्र धारण करेंगे, वैश्य व्यापार करेंगे आदि।

तीरंदाज: राम वनगमन का सच

वाल्मीकि रामायण में राम के शस्त्रीकरण को लेकर सीता का विरोध तफ्सील से बताया गया है। सीता को भय था कि इससे अनार्य भड़क...

तीरंदाज: पाकिस्तान के रहनुमा सेना और सामंत

पाकिस्तान अब विश्व में छठा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश हो गया है, जिसमें नब्बे प्रतिशत लोग गरीब हैं।

तीरंदाज: चर्चा को माहौल चाहिए

स्वस्थ और बेबाक चर्चा के लिए तीन चीजों का होना जरूरी है। पहली जरूरत है माहौल की।

सांचे, खांचे और व्यक्ति-सत्ता

राम के बाद श्रीकृष्ण का जन्म हुआ और उनका सांचा आदर्श पुरुषोत्तम राम से एकदम अलग था।

तीरंदाजः हाथी और गधे की जंग

अगर डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी समाज का दर्पण हैं, तो हिलेरी क्लिंटन संस्थागत राजनीति का आईना हैं।

‘तीरंदाज’ कॉलम में अश्विनी भटनागर का लेख : हीरा-मन हाट हेराया

पच्चीस साल पहले बाजार खुला था। प्रधानमंत्री नरसिंह राव और वित्तमंत्री मनमोहन सिंह की उदार नीति के तहत यह नई संरचना बनी थी। उससे...

‘तीरंदाज’ कॉलम में अश्विनी भट्नागर का लेख : मरती हुई भाषा नहीं है संस्कृत

संस्कृत कितनी उपयोगी है इसके कई विदेशी उदहारण हैं। मसलन, दूसरे विश्व युद्ध से पहले जर्मन वैज्ञानिकों ने हमारे शास्त्रों का विस्तार से अध्ययन...

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