March 28, 2017

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दुनिया मेरे आगेः रंगकर्म में नौटंकी

पिछले दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की एक ग्रेजुएट साजिदा के निर्देशन में एक नाटक ‘तमाशा-ए-नौटंकी’ देखने का मौका मिला।

दुनिया मेरे आगे- लोक की कला

हिंदू, बौद्ध, इस्लाम धर्मों, लोक-वेद की परंपराओं और लोक कथाओं से मिथिला की सभ्यता और संस्कृति प्रभावित रही है।

‘दुनिया मेरे आगे’ में अरविंद दास का लेख : हवेली में भित्तिचित्र

वर्षों पहले समाजशास्त्र के एक शिक्षक ने मारवाड़ी बनिया समुदाय के भारतीय पूंजीवाद में योगदान और उनके रीति-रिवाजों, रहन-सहन, धर्म से उनके जुड़ाव और...

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